गपकापुर रजवाह सूखा, सिंचाई के पानी को तरस रहे किसान
किशनी। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच किशनी के किसान पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।

भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच किशनी के किसान पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। आठ जून बीत जाने के बाद भी रजवाहों और माइनरों में पानी न आने से धान की नर्सरी की बुवाई में देरी हो रही है। रजवाहे पूरी तरह सूखे पड़े हैं, जिससे किसानों की चिंता और बेचैनी बढ़ गई है। समान से निकलकर किशनी होते हुए कछपुरा और महोली तक जाने वाला गपकापुर रजवाह और इसके माइनर वर्तमान में सूखा पड़ा हैं। इस कारण बरुआहार, दिवनपुर, कछपुरा, महोली, बसैत, जीजई, और नगला घासी समेत दर्जनों गांवों के किसानों की खेती ठप पड़ी है। किसानों का कहना है कि खेतों की पलेवट न होने से धान की पौध तैयार नहीं हो पा रही है।
वहीं, पहले से बोई गई फसलें भी सिंचाई के अभाव में बर्बादी के कगार पर हैं। क्षेत्र के किसान जगदीश यादव, बलराज यादव, संजू मिश्रा, गजेंद्र यादव सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। नगला घासी और जिजई रजवाह के किसानों का तो यहां तक आरोप है कि कई साल बीत गए, लेकिन उन्हें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नसीब नहीं हुआ।
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