Wednesday, January 26, 2022
हमें फॉलो करें :

मल्टीमीडिया

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश मैनपुरी45 लाख के बिजली बिलों के गबन में फंसे अधिशासी अभियंता ग्रामीण

45 लाख के बिजली बिलों के गबन में फंसे अधिशासी अभियंता ग्रामीण

हिन्दुस्तान टीम,मैनपुरीNewswrap
Sun, 28 Nov 2021 11:35 PM
45 लाख के बिजली बिलों के गबन में फंसे अधिशासी अभियंता ग्रामीण

जनपद के 5 बिजलीघरों से जुड़े 47 उपभोक्ताओं के बिलों से 45 लाख से अधिक की गड़बड़ी किए जाने के मामले में अधिशासी अभियंता ग्रामीण फंस गए हैं। अधिशासी अभियंता ग्रामीण की आईडी से 47 उपभोक्ताओं के बिलों को ओटीएस योजना में समाहित किया गया और उपभोक्ताओं को जमा बिलों की रसीद भी जारी कर दी गई। जबकि ये धनराशि विभाग के खाते में नहीं पहुंची।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मुख्य अभियंता द्वारा की गई जांच में अधिशासी अभियंता को दोषी पाया गया है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता इजहार अहमद की अध्यक्षता में इस मामले की जांच कमेटी बनाई गई थी। मुख्य अभियंता ने अपनी जांच में अधिशासी अभियंता ग्रामीण गुरचरण लाल भटनागर को विभागीय दायित्व और आईडी के संचालन के कार्यों में लापरवाही बरतने का दोषी पाया है। मुख्य अभियंता के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता आगरा (अनुशासन) एनके राय ने अधिशासी अभियंता गुरुचरन को 15 दिन में अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें जो आरोप पत्र दाखिल किया गया है उसका जवाब न देने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।

कुछ इस तरह है पूरा मामला

करहल तहसील क्षेत्र से जुड़े बरनाहल, चंदीकरा, दिहुली, असरोई और कोसमा के 47 उपभोक्ताओं ने पिछले वर्ष ओटीएस योजना का लाभ लेने के लिए विभाग में पंजीकरण कराया था। उपभोक्ता रामसेवक, अमृतलाल, प्रेम प्रताप, धीरेंद्र दिवाकर, सत्यवीर सिंह, राजू जाटव, छोटेलाल आदि ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी कि उन्होंने पंजीकरण कराने के बाद विभागीय कार्यालय जाकर शेष बिलों की धनराशि जमा कर रसीद हासिल कर ली। लेकिन कुछ दिनों बाद विभाग ने नए सिरे से बिल भेज दिए और उनके बिजली कनेक्शन भी काट दिए।

संविदाकर्मी के खिलाफ हो चुकी एफआईआर

इन आरोपों की जांच के लिए मुख्य अभियंता आगरा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने जांच में अभियंता को 47 उपभोक्ताओं के बिलों से जुड़े 45 लाख 69 हजार 813 रुपये की धनराशि की गड़बड़ी किए जाने का दोषी ठहराया। हालांकि अधिशासी अभियंता जीसीएल भटनागर का कहना है कि उन्होंने अपनी आईडी संविदा कर्मी को विभागीय व्यस्तता के चलते संचालित करने के लिए दे दी थी। संविदा कर्मी ने यह गड़बड़ी की। उसके खिलाफ एफआईआर कराई गई है। लेकिन विभागीय अधिकारी उनके इस पक्ष से सहमत नहीं हैं और उन्हें इस मामले के लिए दोषी मान रहे हैं। इसी के तहत उन्हें आरोप पत्र दिया गया है।

epaper

संबंधित खबरें