Mainpuri News: रक्षाबंधन: जेल की सलाखों के पार पहुंचा राखी का प्यार

हिन्दुस्तान, मैनपुरी
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Mainpuri News: रक्षाबंधन पर जिला कारागार का माहौल भावुक हो गया। बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों के लिए जेल पहुंचीं। सुरक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए और दो स्तर की जांच के बाद प्रवेश दिया गया। बहनों ने भावुकता के साथ भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। जेल में इस समय 529 पुरुष, 21 महिला और 24 युवा निरुद्ध हैं।

Mainpuri News: रक्षाबंधन: जेल की सलाखों के पार पहुंचा राखी का प्यार

Mainpuri News: रक्षाबंधन पर शुक्रवार को जिला कारागार का माहौल भावुक हो गया। अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं। सुरक्षा के मद्देनजर जेल प्रशासन ने इस बार विशेष सतर्कता बरती। प्रवेश द्वार पर पहली बार मेटल डिटेक्टर दरवाजे लगाए गए। दो स्तर की जांच के बाद ही महिलाओं को जेल के अंदर प्रवेश दिया गया। आधार कार्ड की कॉपी जमा कराने के बाद बहनों को भाइयों से मुलाकात की अनुमति दी गई। खाने-पीने के सामान की भी गहन जांच की गई। शुक्रवार को सुबह आठ बजे से दोपहर ढाई बजे तक मुलाकात का सिलसिला चलता रहा। जेल के बाहर सुबह से ही महिलाओं की लाइन लग गई। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए बेरिकेडिंग की गई थी, जबकि महिलाओं के बैठने के लिए पंडाल लगाया गया। लंबे इंतजार के बाद बहनों ने जेल में निरुद्ध भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके जल्द घर लौटने की कामना की। मुलाकात के दौरान बहनें भावुक हो गईं, उनकी आंखों से आंसू निकल आए और रोती हुई बाहर निकलीं। जिला कारागार में इस समय 529 पुरुष बंदी, 21 महिला बंदी और 18 से 24 वर्ष की उम्र के 24 युवक निरुद्ध हैं। रक्षाबंधन पर इन बंदियों से मिलने के लिए बहनों की आवाजाही रही। जेल प्रशासन ने मुलाकात की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी, ताकि त्योहार के दौरान व्यवस्था और सुरक्षा दोनों बनी रहें。

पहली बार लगा मेटल डिटेक्टर गेट

रक्षाबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए जिला कारागार के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहली बार मेटल डिटेक्टर दरवाजे लगाए गए। इसके अलावा महिलाओं की दो स्थानों पर जांच की गई। किसी भी प्रतिबंधित वस्तु को जेल के भीतर पहुंचने से रोकने के लिए साथ लाए गए खाने-पीने के सामान की भी जांच की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बेरिकेडिंग की गई थी। सुबह से दोपहर तक महिलाओं की लाइनें लगी रहीं। जेल अधीक्षक शशांक पांडेय ने सुरक्षा और मुलाकात की व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी। जेल प्रशासन की सतर्कता के चलते रक्षाबंधन पर मुलाकात की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी कराई गई। जेलर जितेंद्र कश्यप भी दिनभर सुरक्षा निगरानी करते रहे।

सामान्य प्रश्न

रक्षाबंधन के दिन कितनी बहनें जेल गईं?
बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए जेल पहुंचीं।
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