
महाराजश्री के अधूरे कार्यों को पूरा करने का दोहराया संकल्प
संक्षेप: Mainpuri News - मैनपुरी। शहर के श्री एकरसानंद आश्रम में ब्रह्मनिष्ठ स्वामी शारदानंद सरस्वती महाराज की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर चल रहा ब्रह्मनिर्वाण महोत्सव का सोमवा
शहर के श्री एकरसानंद आश्रम में ब्रह्मनिष्ठ स्वामी शारदानंद सरस्वती महाराज की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर चल रहा ब्रह्मनिर्वाण महोत्सव का सोमवार को समापन हो गया। सोमवार को महोत्सव के पूर्णता दिवस पर सुबह आठ बजे स्वामी शारदानंद सरस्वती महाराज की समाधि पूजन विधि विधान से दैवी संपद मंडल के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती महाराज द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच साधु संतों, भक्तों की मौजूदगी में संपन्न हुई। सभी संतजनों, श्रद्धालुओं ने महाराज को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी भजनानंद आश्रम रायबरेली से आए स्वामी ज्योतिर्मया नंद महाराज ने शारदानंद सरस्वती महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रजवलित कर किया।

इस दौरान स्वामी ज्योतिर्मया नंद महाराज ने कहा कि महापुरुषों की जितनी महिमा कही जाए कम है। उन्होंने कहा कि विद्वान वह है जिसकी वाणी बोलती है और संत वो होता है जिसका जीवन बोलता है। ऐसे ही महान संत थे गुरुदेव। दिल्ली से आए डॉ शुभेषु शर्मन ने कहा कि आचरण को जीवन में उतारने का तरीका महाराजश्री ने सिखाया। स्वामी राष्ट्र के प्रति संकल्पित व समर्पित थे। इस मौके पर डा. जीवन शुक्ल, स्वामी श्यामानंद सरस्वती महाराज, स्वामी योगानंद सरस्वती महाराज, परमानंद शास्त्री, विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख धर्माचार्य अशोक तिवारी आदि ने विचार रखे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




