Ban on mango, neem trees, year ban until 2025 - पेड़ काटना पड़ेगा महंगा, प्रशासन भी होगा जिम्मेदार DA Image
20 नबम्बर, 2019|3:46|IST

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पेड़ काटना पड़ेगा महंगा, प्रशासन भी होगा जिम्मेदार

पर्यावरण की रक्षा के लिए सरकार ने आम, नीम, साल और महुआ के पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी है। 2025 तक ये पेड़ काटे नहीं जाएंगे। इसके अलावा अन्य प्रजातियों के पेड़ काटने पर एक पेड़ के बदले 10 पेड़ लगाने का वचन पत्र भी देना होगा। वहीं पेड़ कटने पर प्रशासन भी जिम्मेदार होगा। सचिव संजय सिंह ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। डीएम मैनपुरी ने इस संबंध में डीएफओ को निर्देशों का पालन कराने के लिए कहा है। मैनपुरी सहित प्रदेश के 39 जिलों में हरियाली बनाए रखने के लिए सरकार ने वृक्ष संरक्षण अधिनियम 1976 में संशोधन किया है। इसके तहत 2025 तक आम, नीम जैसे चर्चित पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी गई है। सरकार के प्रस्ताव पर राज्यपाल ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है। हालांकि शर्त रखी गई है कि प्रतिबंधित पेड़ पूरी तरह सूखने पर, व्यक्ति या संपत्ति को खतरा पैदा होने पर, विकास कार्यों में बाधा बनने पर या फलदायी क्षमता खत्म होने पर काटे जा सकेंगे। लेकिन इसके लिए सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। डीएम प्रदीप कुमार कहना है कि शासनादेश का पालन कराया जाएगा। मैनपुरी को ग्रीन मैनपुरी बनाने की भरपूर कोशिश होगी।

एक पेड़ के बदले दस पेड़ लगाने का देना होगा वचन

मैनपुरी। सरकार ने मैनपुरी सहित प्रदेश के 12 जिलों में आम की प्रजाति देशी तुकमी, कलमी के अलावा नीम, साल, महुआ के अलावा अन्य प्रजातियों के पेड़ काटने की मंजूरी दी है। वन क्षेत्र के बाहर आम, साल, महुआ, खैर से अलग प्रजातियों को काटने के लिए अनुमति लेनी होगी। इसके बदले एक पेड़ काटने पर दस पेड़ लगाने का वचन पत्र विभाग को देना होगा।

शासनादेश की जानकारी मिल गई है। जिन पेड़ों को काटने पर प्रतिबंध लगाया गया है उनकी पूरी सुरक्षा होगी। मैनपुरी को ग्रीन मैनपुरी बनाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे।

प्रदीप कुमार डीएम, मैनपुरी

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