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मैनपुरीपिछड़ा वर्ग के लोगों ने धोखाधड़ी कर बनवाए एससी के प्रमाण-पत्र

हिन्दुस्तान टीम,मैनपुरीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:30 AM
पिछड़ा वर्ग के लोगों ने धोखाधड़ी कर बनवाए एससी के प्रमाण-पत्र

धनगर जाति दर्शाकर अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र हासिल करने वाले चार लोगों के प्रमाण-पत्र निरस्त किए जाएंगे। इन प्रमाण-पत्रों को जारी करते समय रिपोर्ट देने वाले तीन लेखपालों पर निलंबन की कार्रवाई होगी। प्रमाण-पत्र जारी करने वाले तहसीलदारों की भी जांच कराई जाएगी। रविवार को नियम विरुद्ध जारी हुए चार प्रमाण-पत्रों की जांच के लिए कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक में तहसीलदारों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर चारों ही प्रमाण-पत्र निरस्त करने का फैसला किया गया। पिछड़ा वर्ग से जुड़े लोगों ने यह चारों ही प्रमाण-पत्र धोखाधड़ी कर जारी कराए गए थे। डीएम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

किशनी विधायक द्वारा ये की गई थी शिकायत

मैनपुरी। किशनी विधायक इं. बृजेश कठेरिया ने 9 अप्रैल को डीएम को शिकायती पत्र देकर शिकायत की थी कि तहसील मैनपुरी के तहसीलदार ने भाजपा नेता बलवीर सिंह पुत्र गनेश प्रताप निवासी जसरऊ मैनपुरी के नाम धनगर जाति दर्शाकर अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण-पत्र जारी कर दिया है। जबकि बलवीर की जाति गड़रिया है जो प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की जाति में आते हैं। यह भी जानकारी दी कि बलवीर सिंह ने 2010 में जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव पिछड़ा वर्ग के प्रमाण-पत्र से लड़ा। इसके बाद बलवीर ने 2015 में एससी का प्रमाण-पत्र हासिल कर लिया। विधायक ने इस मामले में की गई धोखाधड़ी की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की। इस संबंध में उन्होंने डीएम को आवश्यक तथ्य भी उपलब्ध कराए।

बैठक में चारों प्रमाण-पत्रों की अधिकारियों ने की समीक्षा

मैनपुरी। शिकायत मिलने के बाद सीडीओ ईशा प्रिया, एडीएम बी. राम, एसडीएम सदर ऋषिराज, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी यश वर्मा की चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई। जिला समाज कल्याण अधिकारी डा. इंद्रा सिंह ने इस कमेटी की बैठक के लिए 31 मई की तारीख तय की और शिकायतकर्ता और आरोपियों को तथ्य रखने के लिए बुलाया। इसी बैठक के तहत सोमवार को डीएम की मौजूदगी में बैठक हुई जिसमें बलवीर के अलावा तीन अन्य प्रमाण-पत्रों की समीक्षा की गई। एसडीएम सदर के मुताबिक डीएम के पास शैलेंद्र पुत्र नंदकिशोर निवासी बहसमऊ बेवर, पूजा पत्नी पुष्पेंद्र निवासी विरसिंहपुर कुरावली, बलवीर पुत्र गनेश प्रताप निवासी जसरऊ मैनपुरी तथा राजेश पुत्र रामसिंह निवासी अरसारा किशनी के प्रमाण-पत्र फर्जी होने की शिकायत पहुंची थी।

बलवीर धनगर के पूर्वज पिछड़ा वर्ग के रूप में दर्ज

मैनपुरी। कुरावली, मैनपुरी, किशनी और भोगांव के तहसीलदारों ने अपनी रिपोर्ट में एससी के रूप में जारी किए गए यह चारों ही प्रमाण-पत्र फर्जी बताए हैं और निरस्त करने की संतुति की। एसडीएम का कहना है कि इस मामले में तीन लेखपाल दोषी पाए गए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। प्रमाण-पत्र भी निरस्त किए जाएंगे। खास बात यह है कि बलवीर धनगर के मामले में तो गहराई से जांच की गई तो सामने आया कि वह पहले दो चुनाव पिछड़ा वर्ग के प्रमाण-पत्र के सहारे लड़े और फिर तीसरा चुनाव अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र लगाकर लड़ा गया। इतना ही नहीं उनके पूर्वज ने अभिलेखों में अपने नाम के साथ गड़रिया जाति का उल्लेख किया है जो पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में आती है।

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