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मैनपुरी

एम्स, स्टेट मेडिकोलीगल ने खारिज की है छात्रा की हत्या

हिन्दुस्तान टीम,मैनपुरीPublished By: Newswrap
Sat, 18 Sep 2021 04:21 AM
एम्स, स्टेट मेडिकोलीगल ने खारिज की है छात्रा की हत्या

नवोदय की छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत को पुलिस ने आत्महत्या माना और एफआईआर से हत्या की धारा हटा दी थी। पुलिस की इस थ्योरी को उस समय और बल मिला जब स्टेट मेडिकोलीगल और दिल्ली एम्स की कमेटी ने भी हत्या की बात खारिज करते हुए छात्रा की मौत को हैंगिंग करार दिया था।

इस समय ये प्रकरण प्रदेश भर में चर्चा में है। इस कांड में पिता की तहरीर पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 306, 376, 511, 34 आईपीसी तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। लेकिन पुलिस की डेढ़ माह चली जांच के बाद 2 नवंबर को विवेचक ने घटना को आत्महत्या मानते हुए 302 और 511 दो धाराएं विवेचना से बाहर कर दीं। पुलिस की जांच 306, 376, 34 आईपीसी तथा पॉक्सो एक्ट के आसपास घूम रही है। 150 डीएनए और 12 पॉलीग्राफी टेस्ट के बाद भी छात्रा की मौत के रहस्य से पर्दा नहीं हट सका है।

दिल्ली एम्स, स्टेट मेडिकोलीगल भी कर चुके हैं जांच

मैनपुरी। छात्रा की मौत की जांच कर रहे तत्कालीन एसपी अजय कुमार पांडेय ने विवेचना से हत्या की धारा हटाने की जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्टेट मेडिकोलीगल के पास भेजी थी। स्टेट मेडिकोलीगल डॉ. जी खान ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच में मौत को हैंगिंग करार दिया। उन्होंने हत्या की बात खारिज की। तत्कालीन एसपी ने दिल्ली एम्स के पास भी हत्या की जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट भेजी। एम्स की कमेटी की जांच ने भी मौत को हैंगिंग करार दिया। लखनऊ और दिल्ली से आयी इन रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मान लिया है कि घटना हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या है।

सीमेन किसका, पुलिस के सामने ये बड़ा सवाल

मैनपुरी। पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा और अहम सवाल पुलिस को चकरघिन्नी बनाए हुए है। तमाम जांचों के बाद पुलिस ने ये तो मान लिया कि छात्रा की मौत हत्या नहीं थी बल्कि आत्महत्या थी। लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान तैयार स्लाइड पर सीमेन कहां से आया। इसका जवाब पुलिस अब तक नहीं ढूंढ़ पायी है। आगरा लैब ने स्लाइड की जांच रिपोर्ट में स्पर्म मिलने की पुष्टि की है।

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