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19 अक्तूबर, 2020|4:32|IST

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टमाटर, आलू और प्याज की तिकड़ी ने रुलाया

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फसलों के राजा आलू की देखादेखी टमाटर की सुर्खी ने पब्लिक को हैरान कर दिया है। आलू, टमाटर के भाव ऊपर चढ़े तो प्याज की दरों ने भी लोगों के पसीने छुड़ाने शुरू कर दिए हैं। महंगाई का बोझ थाली पर तेजी से चढ़ने लगा है। सरकार तक सब्जियों की इस तिकड़ी की मनमानी पहुंच गई है। सरकार ने इनके तेवर ढीले करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।

इन दिनों आलू 35 रुपये, टमाटर 50 से 60 रुपये और प्याज 40 से 50 रुपये प्रति किलो पर हैं। इन सब्जियों के बिना लोगों के भोजन की थाली का स्वाद अपेक्षित नहीं रहता। आलू टमाटर की सब्जी तो हर वर्ग के लोग पसंद करते हैं, इसके साथ प्याज की डिमांड बराबर रहती है। हालांकि मंडियों में थोक के आलू के भाव 2300 से 2800 के बीच तथा 2 हजार से 3600 रुपये प्रति कुंतल के भाव टमाटर के हैं। थोक बाजार में प्याज 1500 से 3300 रुपये प्रति कुंतल में बिक रही है। 15 सितंबर से 15 अक्तूबर के बीच हरी सब्जियां कम हो जाती हैं जिसके चलते इन सब्जियों के दाम तेजी पकड़ जाते हैं।

जमाखोरी रोकने के लिए उद्यान विभाग सक्रिय

मैनपुरी। डीएचओ अनीता सिंह का कहना है कि प्रदेश में आलू की औसत खपत 6 से 6.5 लाख मीट्रिक टन सालाना है। अक्तूबर माह के लिए शीतगृहों में लगभग इस समय 22 लाख टन आलू भंडारित है। नवंबर में आलू, टमाटर की नई फसल आने लगती है इसलिए जमाखोरी रोकने के लिए शीतगृह, आढ़ती, उत्पादक किसानों के साथ बैठक करके भावों को नियंत्रित करने के निर्देश सरकार की ओर से दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह ने निर्देश भेजकर कहा है कि आलू, प्याज, टमाटर की आवक और बिक्री पर निगरानी की जाए और इनके भाव न बढ़ने दिए जाएं।

31 अक्तूबर तक अपना आलू निकाल लें। शीतगृह 31 अक्तूबर तक ही चलेंगे इसके बाद शीतगृह चलते पाए गए तो संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अनीता सिंह डीएचओ, मैनपुरी

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  • Web Title:A trio of tomatoes potatoes and onions made her cry