DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जिले के 53 गांव कुपोषण से मुक्त : डीएम

जिले के 53 गांव कुपोषण से मुक्त : डीएम

डीएम प्रदीप कुमार ने जिला पोषण समिति की बैठक में कहा कि नोडल अधिकारी प्रत्येक सप्ताह गोद लिए गांव जाकर बच्चों की सेहत की जानकारी करें। जिन अधिकारियों ने पोषण पुनर्वास केंद्र में मानक पूर्ण करने वाले बच्चों को भर्ती नहीं कराया है ऐसे अधिकारी कार्यशैली सुधारें। अति कुपोषित बच्चे को तत्काल एनआरसी में भर्ती कराएं।

डीएम ने कहा कि कुछ अधिकारियों द्वारा सराहनीय प्रयास किए गए हैं जिसका नतीजा है कि जिले के 53 गांव कुपोषण से मुक्त हो चुके हैं लेकिन अभी भी 59 गांव कुपोषण से ग्रसित हैं। उन्होंने साप्ताहिक भ्रमण कर 02 माह के अंदर गोद लिए गांव को कुपोषण से बाहर करने के निर्देश दिए। अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिले में अभी 6789 बच्चे कुपोषण से ग्रसित हैं। माह जून में 40 प्रतिशत बेड खाली रहे, विकास खंड करहल, किशनी एवं घिरोर से कोई भी बच्चा माह जून में एनआरसी में भर्ती नहीं कराया गया। इस पर डीएम ने सीडीपीओ, प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों को लचर कार्यशैली, नाकारापन को छोड़ काम करने के निर्देश दिए। बैठक में डीडीओ जेएन कुरील, पीडी एससी मिश्रा, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, नहर, डीआईओएस, बीएसए, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। संचालन कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार ने किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:53 villages of the district free from malnutrition: DM