मैं वोटों की राजनीति करने नहीं आई, मोनू कश्यप के परिवारवालों से मिलने पहुंचीं सांसद इकरा हसन
इकरा हसन ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। गांव में सांसद के पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। परिवार के लोगों ने सांसद को पूरी घटना की जानकारी दी। सांसद ने भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज को संसद और प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।

समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने मंगलवार को जसाला पहुंचकर मृतक मोनू कश्यप के परिवारीजनों से मुलाकात की और परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि वह वोटों की राजनीति करने नहीं आई हैं, बल्कि दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ खड़े होकर उन्हें न्याय दिलाने के लिए आई हैं। सांसद इकरा हसन ने परिजनों से बातचीत करते हुए कहा कि वह हर सुख-दुख में परिवार के साथ खड़ी रहेंगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।
उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग भी की। गांव में सांसद के पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। परिवार के लोगों ने सांसद को पूरी घटना की जानकारी दी। सांसद ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज को संसद और प्रशासन तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।
बता दें कि सांसद इकरा हसन 19 मई को शामली के जसाला गांव के मोनू कश्यप की मां को लेकर सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह से मिलने पहुंची थीं। मोनू कश्यप की मौत को लेकर परिवार लगातार हत्या का आरोप लगा रहा है। परिवार इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। सांसद इकरा हसन ने भी पीड़ित परिवार के समर्थन में अधिकारियों से मुलाकात की थी।
इस दौरान पुलिस सड़क पर यातायात प्रभावित होने का हवाला देते हुए सांसद इकरा हसन को महिला थाने ले गई थी जहां से करीब 10 मिनट बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। बाद में इस मामले को लेकर सांसद इकरा हसन के खिलाफ सड़क जाम करने और धरना-प्रदर्शन के आरोप में मुकदमा दर्ज हो गया था। इससे यूपी की राजनीति गरमा गई थी। मामले में सांसद के साथ छह अन्य लोगों को भी नामजद किया गया था। 25 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था।
मोनू कश्यप की मौत का मामला क्या है?
शामली के कांधला थाना क्षेत्र के जसाला गांव के रहने वाले मोनू कश्यप पंजोखरा गांव स्थित श्मशान घाट के पास 21 अप्रैल की सुबह बेहोशी की हालत में पाए गए थे। उनका एक पैर भी कटा हुआ था। पुलिस ने उन्हें मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया था जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मृतक के पिता ने गांव के ही कुछ लोगों पर रंजिश के चलते षड़यंत्र के तहत हत्या की योजना बनाने का आरोप लगाया था।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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