
मैं तो कचौड़ी बेच पाल रहा परिवार का पेट, 1500 करोड़ की ठगी का आरोपी SIT से बोला
एसआईटी ने पहले रवींद्र सोनी से उसके बैंक खातों की जानकारी की। उसने देहरादून के 2 खातों के बारे में बताया। टीम ने जब उसके 26 बैंक खाते होने की बात कही तो वह चुप हो गया। इसके बाद उसके हाई प्रोफाइल रिलेशन के संबंध में जानकारी की गई। अभिनेता, रेसलर के साथ मिले वीडियो दिखाकर तस्दीक कराई गई।
दुबई समेत अन्य देशों के 700 लोगों से 1500 करोड़ की ठगी का आरोपी रवींद्र नाथ सोनी को एसआईटी ने मंगलवार से छह दिन की रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान बहुत सधे अंदाज में वह जवाब देता रहा। कहा, उसने ठगी नहीं की है। उसने एसआईटी को बताया कि कंपनी में कई डायरेक्टर थे जो समय-समय पर पैसा निकालते थे। इसी के चलते कंपनी बैठ गई। इस समय वह दुबई में कचौड़ी का आउटलेट लगाकर परिवार चला रहा था। कंपनी के निवेशकों ने परेशान करना शुरू किया तो वह भागकर देहरादून आ गया था। हालांकि पीड़ितों ने उसे झूठा बताया और पैसा वापस करने की मांग की। उधर, एसआईटी की ओर से दिखाए गए वीडियो देखकर खुद को पहचाना और यह भी बताया कि वीडियो कब और कहां के हैं। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने भी पूछताछ की। कई बार वह सामान्य दिखा तो परिवार और बेटी का नाम आने पर भावुक हो गया। खुद को बेकसूर भी बताता रहा।
कोतवाली पुलिस ने मंगलवार सुबह 11:30 बजे रवींद्र नाथ को जिला कारागार से कस्टडी में लिया। मेडिकल कराने के बाद इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय उसे कोतवाली लेकर पहुंचे। यहां एसआईटी के अधिकारी अपने-अपने सवालों के साथ तैयार बैठे थे। एसआईटी ने पहले रवींद्र सोनी से उसके बैंक खातों की जानकारी की। उसने देहरादून के दो खातों के बारे में बताया। टीम ने जब उसके 26 बैंक खाते होने की बात कही तो वह चुप हो गया। इसके बाद उसके हाई प्रोफाइल रिलेशन के संबंध में जानकारी की गई। अभिनेता, रेसलर के साथ मिले वीडियो दिखाकर तस्दीक कराई गई। वीडियो देखकर उसने तस्वीरों में खुद के मौजूद होने की पुष्टि की, साथ ही मौजूद लोगों की जानकारी भी दी। बैंक खातों, ब्लूचिप कंपनी और उससे संबंधित दूसरी कंपनियों की जानकारी भी आधी-अधूरी दी। किस देश के कितने लोगों से ठगी की, इस सवाल पर रवींद्र ने कुछ याद नहीं कहकर टालने का प्रयास किया। उसके लैपटॉप और दूसरे गैजेट्स की जानकारी एसआईटी ने मांगी तो वह इधर-उधर की बात करने लगा। खुद को बेकसूर बताते हुए कंपनी के दूसरे लोगों पर आरोप डाल दिए। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने भी उससे बात की। पुलिस आयुक्त ने कहा कि ठगी संबंधी कई शिकायतें, साक्ष्य और चश्मदीद गवाह एसआईटी के पास हैं। यदि झूठ बोला तो कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बाद भी वह खुद को बेकसूर बताता रहा। बोला, उसे फंसाया गया है। खातों में करोड़ों के ट्रांजेक्शन को लेकर सवाल हुआ तो वह शांत हो गया। एसआईटी ने पीड़ितों से भी आमना-सामना कराया। पीड़ितों ने सवाल करने के साथ ही उसे खरी-खोटी भी सुनाई। हालांकि वह चुप्पी साधे रहा।
देहरादून और दिल्ली ले जाने की तैयारी
एसआईटी को ठग रवींद्र की संपत्ति दुबई और देहरादून में होने की जानकारी मिली थी। ऐसे में एसआईटी जल्द ही उसे देहरादून और दिल्ली ले जा सकती है। माना जा रहा है कि उत्तराखंड में रवींद्र ने प्रॉपर्टी बनाई है और बड़ी रकम इनवेस्ट की है। रवींद्र के पैन कार्ड और आधार कार्ड की मदद से उसकी डिटेल निकाली जा रही है। एसआईटी ने ठगी की रकम (डॉलर व दिरहम) से बिटक्वाइन खरीदने के संबंध में जानकारी ली। अमेरिका में रहने वाली महिला गुरमीत कौर के बारे में भी पूछा गया। गुरमीत यूएसए के एक खाते का संचालन आज भी कर रही है। इस पर रवींद्र शांत हो गया। फाइनेंस संबंधी ज्यादातर प्रश्नों के उत्तर में रवींद्र ने चुप्पी साध ली। बेटी आध्या के अकाउंट की जानकारी मांगने पर पता नहीं कहकर पल्ला झाड़ लिया। एसआईटी ने कानपुर से लेकर दिल्ली, देहरादून और विदेश से संबंधित उसके रिश्ते, कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी ली है। रिमांड पर लिए गए ठग रवींद्र नाथ को जेल से बाहर लाती पुलिस। एक दिन पहले पुलिस से आकर मिले थे पीड़ित।
ठग पर दो और रिपोर्ट दर्ज हो सकती हैं
कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि दुबई में रहने वाले दो एनआरआई की ओर से तहरीर आई है। इनकी तहरीर पर भी एफआईआर दर्ज की जाएगी। अब तक कोतवाली में रवींद्र नाथ सोनी के खिलाफ चार केस दर्ज हो चुके हैं। करीब 250 के आसपास शिकायतें ई-मेल से पुलिस अधिकारियों के पास पहुंची हैं। केरल और तमिलनाडु के लोग भी दो से तीन दिन में आकर एफआईआर दर्ज करा सकते हैं।
सोनू सूद से किया था डेढ़ करोड़ में करार
एसआइटी ने अभिनेता सोनू सूद और खली के बारे में पूछा तो रवींद्र ने बताया कि कंपनी के प्रमोशन के लिए अभिनेता सोनू सूद से डेढ़ करोड़ रुपये में करार किया था। रेसलर दिलीप सिंह राणा उर्फ खली ने भी कंपनी का प्रमोशन किया था। अन्य चर्चित हस्तियों से संबंध पर शांत हो गया। उसने ब्लूचिप की कंपनियों और उसके चार साझीदार हितेश, धरवेश व अन्य के नाम भी एसआईटी को बताए हैं। एसआइटी उन्हें नोटिस भेजेगी। कंपनी में निवेशकों की संख्या 700 से अधिक और ठगी की रकम 1500 करोड़ होने के सवाल पर बोला, बढ़ा-चढ़ाकर राशि बताई जा रही है। 300 लोगों ने करीब 90 करोड़ का निवेश किया है।
दुबई कोर्ट से नोटिस के बाद भागा
रवींद्र ने एसआईटी को बताया कि दुबई कोर्ट से उसे कई नोटिस जारी हुए। इसके बाद देश छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई। इसके बाद पांच मार्च 2024 को ओमान के रास्ते भारत आ गया। उसने बताया कि कंपनी उसकी अकेले की नहीं है। कई स्पांसर ने भी पर्दे के पीछे से कंपनी में पैसा लगाया। उसने एसआईटी को बताया कि कंपनी के हितेश, धरवेश व अन्य साझीदार पैसा निकाल रहे थे, लेकिन किसी ने कोई रोकटोक नहीं की। इसी वजह से कंपनी घांटे में चली गई।
पीड़ितों से सामना हुआ तो हाथ जोड़ता रहा
एसआईटी ने पीड़ितों से सामना कराया। पीड़ितों ने उसकी सभी बातों को गलत बताया। दुबई के कपड़ा कारोबारी, हीरा कारोबारी और अबुधाबी की ऑयल कंपनी के अधिकारी से सामना होने पर शांत हो गया। पीड़ित उसे भला बुरा कहते रहे। इस दौरान वह उनके सामने हाथ जोड़े रहा। पैसे कब दोगे जैसे सवाल पूछे तब भी वह कुछ नहीं बोला। एसआईटी को उसने बताया कि उसके पास कोई प्रापर्टी नहीं है। पहली पत्नी को तलाक के दौरान 25 लाख नकद और गुरुग्राम में 90 लाख रुपये का फ्लैट दिया था। इसके बाद उसके पास कुछ नहीं बचा।





