
महाशिवरात्रि पर तीन सौ वर्षों में दूसरी बार 12 योग, काशी विश्वनाथ में श्रद्धालुओं के लिए खास तैयारी
विशेष योग में पड़ रही महाशिवरात्रि को लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर में खास तैयारियां की जा रही हैं। इस दौरान मंदिर लगातार 40 घंटे से ज्यादा समय तक खुला रहेगा। महाशिरात्रि की रात चारों पहर की आरती होगी।
देवाधिदेव महादेव के विवाह का उत्सव यानी महाशिवरात्रि पर इस वर्ष 12 दुर्लभ योग बनेंगे। तीन सौ वर्षों के अंतराल में यह दूसरा अवसर होगा जब दस से अधिक योग एक साथ महाशिवरात्रि को बनेंगे। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है। इसे लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं। लगातार 40 घंटे से अधिक समय तक मंदिर खुला रहेगा। महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी की भोर में सवा दो बजे मंगला आरती के साथ कपाट खुल जाएंगे। इसके बाद 16 की रात आरती के बाद ही कपाट बंद होंगे। 14 फरवरी से 17 फरवरी तक स्पर्श और सुगम दर्शन पर रोक रहेगी।
इस बार महाशिवरात्रि पर प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, सर्वार्थसिद्ध, साध्य, शिव, शुक्ल, चंद्रमंगल, त्रिग्रही, राज, ध्रुव 12 योग बनेंगे। इससे पहले वर्ष 2024 में शिवरात्रि पर 11 योग बने थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस तिथि पर सर्वप्रथम सृष्टि में ज्योतिर्लिंग का प्रादुर्भाव हुआ था। इसी तिथि पर आदियोगी ने भगवती पार्वती के साथ अपनी गृहस्थ लीला भी रची थी।
ज्योतिषाचार्य पं. विकास शास्त्री के अनुसार करीब तीन सौ साल के बाद दूसरी बार बन रहे ये योग मेष, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए विशेष लाभदायी होंगे। फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी 15 फरवरी की शाम 05:06 बजे आरंभ होगी और 16 की शाम 05:35 बजे तक रहेगी। महाशिवरात्रि में निशाव्यापिनी चतुर्दशी तिथि का महत्व होता है इसलिए यह पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा।
महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय के बाद से शुभ योगों के बनने का क्रम आरंभ हो जाएगा। प्रात: 05:45 बजे से पूरे दिन तक शिवयोग रहेगा। सुबह 6:43 बजे से सर्वार्थसिद्धि योग शुरू होगा जो सुबह 09:37 बजे तक रहेगा। प्रीति योग पूर्वाह्न 11:19 से 11:23 बजे तक, आयुष्मान योग दिन में 12:17 से 01:54 बजे तक, सौभाग्य योग शाम 05:07 बजे से 05:53 बजे तक, शोभन योग शाम 07:47 बजे से रात 08:34 बजे तक, साध्य योग रात 08:54 से 10:02 बजे तक, शुक्ल योग रात 10:42 बजे से 11:58 बजे तक, राज योग रात 12: 54 से 02:54 और ध्रुव योग रात 02:57 बजे से भोर में 05:53 बजे तक रहेगा।
प्रहरवार अभिषेक और मंत्र जप
प्रथम प्रहर : भगवान शिव का दूध से अभिषेक करें एवं ऊँ ह्रीं ईशान्य नमः मंत्र का जप करें।
द्वितीय प्रहर : महादेव का दही से अभिषेक करें तथा ऊँ ह्रीं अघोराय नमः मंत्र का जप करें।
तृतीय प्रहर : भगवान शंकर का शुद्ध देशी घी से अभिषेक करें साथ ही ऊँ ह्रीं वामदेवाय नमः मंत्र जपें।
चतुर्थ प्रहर : भगवान भोलेनाथ का शहद से अभिषेक करें एवं ऊँ ह्रीं सध्योजाताय नमः मंत्र का जप करें।
तीन राशि के जातकों को विशेष लाभ
मेष राशि के जातक शिव की विशिष्ट कृपा के पात्र बनेंगे। वित्तीय लाभ, पदोन्नति, नेतृत्व क्षमता का विकास होगा। वहीं, मिथुन राशि के जातक को पेशेवर जीवन में ऊंची छलांग लगाने का अवसर मिलेगा। उद्योग-व्यापार के क्षेत्र में बड़ी डील का सुअवसर बनेगा। सिंह राशि के जातकों के लिए धनागमन की राह खुलेगी। अचल संपत्ति में वृद्धि के रास्ते खुलेंगे।
महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ में आरती
मंगला आरती
प्रातः 02:15 बजे पूजा आरम्भ होगी।
प्रातः 03:15 बजे मंगला आरती संपन्न होगी।
प्रातः 03:30 बजे मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिया जाएगा।
मध्याह्न भोग आरती
प्रातः 11:40 बजे पूजा आरम्भ होगी।
मध्याह्न 12:20 बजे पूजा संपन्न होगी।
चारों प्रहर की आरती
प्रथम प्रहर
रात्रि 09:30 बजे शंखनाद होगा एवं पूजा की तैयारी आरम्भ होगी।
रात्रि 10:00 बजे से आरती प्रारम्भ होकर रात्रि 12:30 बजे समाप्त होगी।
इस दौरान झाँकी दर्शन सतत् चलता रहेगा।
द्वितीय प्रहर
रात्रि 01:30 बजे से आरती प्रारम्भ होकर रात्रि 02:30 बजे समाप्त होगी।
झाँकी दर्शन सतत् रूप से चलता रहेगा।
तृतीय प्रहर
प्रातः 03:30 बजे से आरती प्रारम्भ होकर प्रातः 04:30 बजे समाप्त होगी।
इस प्रहर में भी झाँकी दर्शन सतत् जारी रहेगा।
चतुर्थ प्रहर
प्रातः 05:00 बजे से आरती प्रारम्भ होकर प्रातः 06:15 बजे समाप्त होगी।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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