जेंडर रेशियो में इंसानों से आगे सोहगीबरबा के वन्य जीव
Maharajganj News - महराजगंज के सोहगीबरवां सेंक्चुरी में वन्यजीवों का लिंगानुपात 1097 है, जबकि मानव समाज में यह 943 है। सेंक्चुरी में मादा वन्यजीवों की संख्या 14360 और नर की 13088 है। यहाँ 8274 नन्हे शावक भी हैं, जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिए शुभ संकेत है।

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। विकास की दौड़ में भले ही इंसान खुद को सबसे आगे मानता हो, लेकिन जब बात प्रकृति के संतुलन व लैंगिक समानता की आती है, तो जिले के वन्यजीवों ने इंसानों को पीछे छोड़ दिया है। वन्यजीव गणना के ताजा आंकड़ों के विश्लेषण से एक सुखद तस्वीर सामने आई है। जिले की मानव आबादी जहां बेटियों की संख्या के मामले में पिछड़ रही है, वहीं सोहगीबरवां सेंक्चुरी के वन्यजीवों के कुनबे में मादाओं की संख्या नरों की तुलना में कहीं अधिक मजबूत है। वन्यजीवों का लिंगानुपात 1097 है, जबकि मानव समाज में यह महज 943 है। यानी इंसानों व वन्यजीवों के जेंडर रेशियो में 154 अंकों का भारी अंतर है।
सोहगीबरवां सेंक्चुरी बिहार के वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व व नेपाल के चितवन नेशनल पार्क के साथ एक नेचुरल कॉरिडोर के रूप में काम करती है। तीनों जंगलों की सीमाएं आपस में जुड़ी होने के कारण यहां अक्सर नेपाल से गैंडे व बिहार से बाघों की आवाजाही बनी रहती है। यह निरंतरता सेंचुरी की जेनेटिक विविधता को बढ़ा रही है और वन्यजीवों को सुरक्षित विचरण क्षेत्र भी प्रदान कर रही है। समाजशास्त्री डॉ. मनोज पांडेय का मानना है कि वन्यजीवों में मादाओं की अधिक संख्या कुदरती संतुलन व वंश-वृद्धि के लिए शुभ संकेत है। यह आंकड़े बता रहे हैं कि जंगलों में मादाएं सुरक्षित हैं। पारिस्थितिकी तंत्र मजबूती से फल-फूल रहा है। दूसरी ओर मानव समाज में 943 का आंकड़ा एक गंभीर चुनौती की ओर इशारा कर रहा है। सेंचुरी में गूंज रही किलकारी, मादाओं की बढ़ती तादाद से महकेगा कल वन्यजीव गणना रिपोर्ट के अनुसार सेंक्चुरी में वन्यजीवों की कुल संख्या 35 हजार 722 तक पहुंच गई है, जिसमें सबसे सुखद पहलू 8274 नन्हे शावकों की मौजूदगी है। वन्यजीव प्रेमी व प्रधानसंघ के जिलाध्यक्ष अनिल जोशी का कहना है कि जहां जननी की संख्या अधिक होती है, वहां वंश-वृद्धि का चक्र स्वत: मजबूत हो जाता है। यही कारण है कि सोहगीबरवां के कुनबों में नन्हें मेहमानों की तादाद तेजी से बढ़ी है, जो आने वाले दशकों के लिए वन्यजीवों की एक सशक्त पीढ़ी तैयार कर रही है। कुल आबादी में बच्चों की यह करीब 23 प्रतिशत हिस्सेदारी जंगल के बेहतर स्वास्थ्य का प्रमाण है। फैक्ट फाइल: एक नजर में आंकड़े कुल नर वन्यजीव: 13088 कुल मादा वन्यजीव: 14360 वन्यजीव लिंगानुपात: 1097 (प्रति 1000 नर पर) मानव लिंगानुपात: 943 (प्रति 1000 पुरुष पर) कुल वन्यजीव: 35722 नन्हें शावक: 8274 सोहगीबरवां सेंक्चुरी में मादा वन्यजीवों का बढ़ता लिंगानुपात पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बेहतर संकेत है। गणना के दौरान कुल 35 हजार 722 वन्यजीवों में से 8274 शावकों की मौजूदगी यह दर्शा रही है कि सेंक्चुरी का वातावरण प्रजनन व वंश-वृद्धि के लिए पूरी तरह अनुकूल है। 14 हजार 360 मादाओं की सुरक्षा व उनके लिए बेहतर हैबिटेट सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। निरंजन सुर्वे-डीएफओ

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