31 फीसदी मतदाताओं को नोटिस जारी, 11 फीसदी की हो चुकी सुनवाई

Feb 05, 2026 10:13 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, महाराजगंज
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Maharajganj News - महराजगंज में मतदाता सूची के अनमैप्ड और नाम मिसमैच वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अब तक 4.37 लाख मतदाताओं में से 31 फीसदी को नोटिस मिल चुके हैं, लेकिन केवल 50 हजार की सुनवाई हुई है। नेपाली मूल की महिलाओं की समस्याएं भी सामने आई हैं, जिनकी मैपिंग नहीं हो पा रही है।

31 फीसदी मतदाताओं को नोटिस जारी, 11 फीसदी की हो चुकी सुनवाई

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम।एसआईआर के तहत जिले में मतदाता सूची के अनमैप्ड व नाम मिसमैच वाले मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई जारी है। नाम, सरनेम के मिलान न होने व मैपिंग की गड़बड़ियों के आधार पर चिह्नित कुल 4 लाख 37 हजार 680 मतदाताओं में से अब तक करीब 31 फीसदी को नोटिस जारी हो चुकी है। इसमें से सभी तक केवल करीब पचास हजार मतदाताओं की ही सुनवाई हो पाई है। निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार चिह्नित 4.37 लाख मतदाताओं में से लगभग 2 लाख 71 हजार का नोटिस जनरेट किए जा चुका है। 1 लाख 37 हजार से अधिक मतदाताओं तक नोटिस भेजी जा चुकी है।

अब तक करीब 50 हजार मतदाताओं की सुनवाई पूरी की जा चुकी है। यह आंकड़ा कुल चिह्नित मतदाताओं का लगभग 11 फीसदी है। वहीं करीब 94 हजार मतदाता ऐसे हैं जो नोटिस मिलने के बाद भी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। प्रशासन का मानना है कि सुनवाई में अनुपस्थित रहने से मतदाताओं की मुश्किलें आगे और बढ़ सकती हैं, क्योंकि निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित समय के भीतर पक्ष रखने का अवसर बेहद अहम है। अधिकारियों के अनुसार नोटिस जारी करने और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी तरह से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है। जिन मतदाताओं के दस्तावेज मान्य पाए जा रहे हैं, उनके मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। आउट साइड इंडिया विकल्प के बाद भी नेपाली मूल की महिलाओं पर संकट एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिले में रहने वाली नेपाली मूल की भारतीय दुल्हनों की समस्या अलग रूप में सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि केवल सिसवा विधानसभा क्षेत्र में ही पांच हजार से अधिक ऐसी महिलाएं हैं, जिनकी शादी वर्ष 2003 के बाद हुई और वे लंबे समय से जिले में निवास कर रही हैं। मतदाता सूची में इन महिलाओं व उनके बालिग बच्चों के नाम दर्ज है। एसआईआर में इन महिलाओं के बच्चों की मैपिंग भी पूरी हो चुकी है, लेकिन मायका नेपाल में होने के कारण इन महिलाओं की मैपिंग नहीं हो पा रही है। मैपिंग न होने के चलते इन महिलाओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिससे वे और उनके परिजन परेशान हैं। परिजनों का कहना है कि शादी के बाद से आधार कार्ड, राशन कार्ड जैसे दस्तावेज मौजूद हैं । कभी नागरिकता पर सवाल नहीं उठा। निर्वाचन आयोग द्वारा भारत से बाहर जन्मे नागरिकों के लिए दिए गए आउट साइड इंडिया विकल्प से कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। बोले एसडीएम नेपाली मूल की महिला मतदाता अभी सुनवाई के लिए सामने नहीं आई हैं। नोटिस के बाद जो भी मतदाता सुनवाई में उपस्थित हो रहे हैं, उनकी सुनवाई आयोग की स्पष्ट गाइडलाइन के अनुसार की जा रही है। - जितेंद्र कुमार-एसडीएम सदर

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