मतदाता लिंगानुपात में 57 अंकों की भारी गिरावट, मैपिंग बनी बड़ी वजह

हिन्दुस्तान, महाराजगंज
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महराजगंज में मतदाता लिंगानुपात में गिरावट आई है। एसआईआर से पहले लिंगानुपात 892 था, जो अब 835 पर आ गया है। इसका मुख्य कारण नेपाली मूल की महिलाओं की वंशावली मैपिंग में समस्या है, जिसके चलते उनकी संख्या सूची से हटा दी गई है।

मतदाता लिंगानुपात में 57 अंकों की भारी गिरावट, मैपिंग बनी बड़ी वजह

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिले में एसआईआर के बाद मतदाता लिंगानुपात लुढ़क गया है। एसआईआर से पहले जिले का मतदाता लिंगानुपात 1000 पुरुषों पर जहां 892 था, वहीं अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद यह गिरकर 835 पर आ गया है। महज एक अभियान के भीतर लिंगानुपात में 57 अंकों की यह गिरावट आई है।इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वर्ष 2003 की मतदाता सूची को मैपिंग का आधार बनाना माना जा रहा है। नेपाल सीमा से सटे होने के कारण जिले में बड़ी संख्या में नेपाली मूल की बहुएं हैं। एसआईआर में महिलाओं को अपने मायके की वंशावली से मैपिंग करानी थी।

भारतीय मूल की महिलाओं का सत्यापन तो आसानी से हो गया, लेकिन जिनका मायका नेपाल में था वे वंशावली प्रमाणित नहीं कर पाईं। बताया जा रहा है कि इस वजह से 2003 के बाद ब्याह कर आईं नेपाली मूल की भारतीय महिलाओं के नाम सूची से बाहर हो गया। जबकि पिछले मतदाता सूची में उनका नाम था।मैपिंग की पेचीदगी में उलझा रोटी-बेटी का संबंधजानकारों की मानें तो महिला मतदाताओं की संख्या में इस भारी गिरावट के पीछे नेपाली मूल की भारतीय दुल्हनों का मुद्दा सबसे प्रमुख है। दरअसल एसआईआर प्रक्रिया में मैपिंग के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाया गया था। इसके तहत महिलाओं को अपने मायके की वंशावली के आधार पर पिछले मतदाता सूची से अपनी मैपिंग करानी थी। जिन महिलाओं का मायका भारतीय क्षेत्र में था, उनका सत्यापन तो आसानी से हो गया, लेकिन 2003 के बाद नेपाल से ब्याह कर आईं महिलाओं के सामने संकट खड़ा हो गया। विदेशी मूल नेपाल का मायका होने के कारण उनकी वंशावली मैपिंग नहीं हो सकी, जिसके चलते बड़ी संख्या में उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। एसआईआर अभियान के दौरान और उसके बाद के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो महिलाओं की संख्या में पुरुषों के मुकाबले कहीं ज्यादा कमी आई है। पुरुषों की संख्या में मात्र 76 हजार के करीब कमी आई, वहीं महिलाओं की संख्या 1.23 लाख से अधिक कम हो गई। अनुपात में इस बड़े अंतर व नेपाली मूल की महिलाओं के नाम कटने के सवाल पर जिम्मेदार स्पष्ट रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। ठूठीबारी, सोनौली, नौतनवा, बरगदवा, निचलौल, मिठौरा, सिसवा, लक्ष्मीपुर जैसे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर की संभावना जताई जा रही है।विवरण एसआईआर से पहले अंतिम मतदाता सूची कुल कमीकुल मतदाता 19,92,459 17,92,128 2,00,331पुरुष मतदाता 10,53,139 9,76,497 76,642महिला मतदाता 9,39,257 8,15,576 1,23,681लिंगानुपात 892 835 -57

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