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24 फरवरी, 2020|4:36|IST

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अब कोड से जाने जाएंगे ट्रांसफार्मर, उपभोक्‍ता सीयूजी नंबर पर कर सकेंगे शिकायत

बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए विभाग ने पहल की है। इसके लिए हर ट्रांसफार्मर का कोड बनाएगा। ट्रांसफार्मर पर जेई और एक्सईएन का सीयूजी नंबर लिखा होगा। ट्रांसफार्मर में फाल्ट या गांव में तार गिरने की सूचना सीयूजी नंबर पर दे सकते हैं। सूचना पर संबंधित जेई अपने टीम के साथ मौके पर पहुंचेंगे और समस्या का निस्तारण करेंगे। 

जिले में साढ़े तीन लाख बिजली उपभोक्ताओं का घर रोशन करने के लिए करीब 45 हजार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। लेकिन इनका कोई कोड नहीं है। इससे ट्रांसफार्मर से कितने लोगों का कनेक्शन जारी किया गया है, पता करना मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं क्षमता से अधिक कनेक्शन जारी करने से ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने के साथ लो-वोल्टेज की समस्या हमेशा बनी रहती है। इससे उपभोक्ताओं का काफी दुश्वारियां हो रही हैं। इससे निजात दिलाने के लिए शासन ने  सभी ट्रांसफार्मर का कोडिंग करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं ट्रांसफार्मर पर कोड नंबर लिखा होगा। इसके अलावा ट्रांसफार्मर पर अवर अभियंता और अधिशासी अभियंता का सीयूजी नंबर लिखा होगा। 

सीयूजी नंबर पर शिकायत मिलने पर तुरंत होगी कार्रवाई
ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी या तार गिरने की सूचना गांव के लोग उस पर लिखे सीयूजी नंबर पर दे सकते हैं। सूचना मिलने पर क्षेत्र के जेई अपने टीम के साथ मौके पर पहुंचेंगे और समस्या का समाधान करेंगे। 

बिना सिफारिश के होगी ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि
सीयूजी नंबर पर लो-वोल्टेज की समस्या की भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। लगातार एक माह तक यदि यह समस्या बनी रहती है तो विभाग उसकी क्षमतावृद्धि करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इससे बिना सिफारिश के ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि हो जाएगी। 

उपभोक्ताओं के सहूलियत के लिए ट्रांसफार्मर का कोडिंग और उस पर सीयूजी नंबर लिखने का निर्देश मिला है। सर्वे कराकर कोडिंग और सीयूजी नंबर लिखने का शुरू कर दिया जाएगा। 
अनिल कुमार, अधीक्षण अभियंता-महराजगंज विद्युत मंडल

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