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महाराजगंज

शिकारियों के निशाने पर सोहगीबरवा सेंक्चुरी के टाइगर व तेंदुआ

हिन्दुस्तान टीम,महाराजगंजPublished By: Newswrap
Mon, 14 Jun 2021 04:11 AM
शिकारियों के निशाने पर सोहगीबरवा सेंक्चुरी के टाइगर व तेंदुआ

महराजगंज। मनोज त्रिपाठी

सोहगीबरवा सेंक्चुरी के वन्यजीव शिकारियों के निशाने पर हैं। अभी तक तीन तेंदुए शिकारियों के बिछाए जाल में फंस चुके हैं। इनमें से दो को वन विभाग ने सुरक्षित बचा लिया, लेकिन तीसरे तेंदुए की इलाज के दौरान गोरखपुर चिड़ियाघर में मौत हो गई। पोस्टमार्टम में तेंदुए के गले में स्नेयर वायर मिला। इससे यह आशंका प्रबल हो गई है कि सेंक्चुरी के वन्यजीवों का शिकार करने के लिए तस्करों ने जाल बिछाना शुरू कर दिया है। इससे वन महकमे में खलबली मच गई है। जंगल के क्रॉस बाउंड्री व सेन्सटिव जोन की निगरानी बढ़ा दी गई है।

सेंक्चुरी के शिवपुर रेंज के ग्राम पंचायत सोहगीबरवा टोला मुजा के प्राइमरी स्कूल में शुक्रवार को एक घायल तेंदुआ घुस कर छिप गया था। डीएफओ पुष्प कुमार के. रेस्क्यू टीम के साथ पहुंचे। घायल तेंदुआ को पिंजरा में बंद कर इलाज के लिए गोरखपुर चिड़ियाघर भेजा गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि तेंदुए के गले में स्नेयर वायर फंसा था, जिससे उसकी सांस की नली कट गई थी।

स्नेयर वायर में फंसने का यह पहला मामला नहीं

सेंक्चुरी क्षेत्र में स्नेयर वायर जाल में तेंदुआ के फंसने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल नवंबर माह में निचलौल रेंज के गुलरभार गॉव के पास गंडक नाला में शिकारियों के बिछाए जाल में एक तेंदुआ फंस गया था। सात घंटे तक चले रेस्क्यू आपरेशन में बड़ी मशक्कत के बाद तेंदुआ पकड़ा गया था। उसके भी शरीर में घाव बन गए थे। निचलौल रेंज के ही गंडक बीट में बीते साल 8 फरवरी को जंगल में शिकारियों द्वारा लगाये गए क्लच वायर में तेंदुए का पैर फंस गया था। गंडक बीट के वॉचर की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तार को निकाला था। घायल तेंदुए को इलाज के बाद कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया था।

टाइगर के मूवमेंट का एरिया है शिवपुर रेंज व गंडक बीट

सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के शिवपुर रेंज के अलावा निचलौल रेंज का गंडक बीट यह ऐसा क्षेत्र है, जहां टाइगर का भी मूवमेंट देखने को मिलता है। गंडक नदी पार कर बाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व के टाइगर भी गंडक बीट में आते रहते हैं। इसके अलावा यहां से थोड़ी दूर बाद ही कुशीनगर और बिहार का इलाका शुरू हो जाता है।

शिकारी ऐसे तैयार करते हैं स्नेयर वायर का जाल

सेंक्चुरी क्षेत्र में हथियारों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी के बाद शिकारियों ने शिकार करने का तरीका बदल लिया है। बाइक के क्लच वायर से तार निकाल उसका फंदा बुनते हैं। यह जंगली सुअर व हिरन को पकड़ने की के लिए होता है। टाइगर और तेंदुए को पकड़ने के लिए शिकारी खड़का लगाते हैं। जिस पर जब उनका वजनी पैर पड़ता है तो खड़का खुल कर पैर को फंसा लेता है। स्नेयर वायर के फंदे में कभी-कभी हिंसक वन्यजीव भी फंस जाते हैं।

शिवपुर रेंज में रेस्क्यू ऑपरेशन में पकड़े गए तेंदुए की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। तेंदुआ के गर्दन पर गहरे जख्म थे और स्नेयर वायर के निशान मिले हैं। इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

पुष्प कुमार के., डीएफओ

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