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महाराजगंज

प्यास, चंदन व महाव ने पार किया खतरे का निशान, तबाही का मंजर

हिन्दुस्तान टीम,महाराजगंजPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:31 AM
प्यास, चंदन व महाव ने पार किया खतरे का निशान, तबाही का मंजर

महराजगंज। हिन्दुस्तान टीम

कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। बड़ी गंडक नदी का जलस्तर जहां तेजी से बढ़ रहा है, वहीं पहाड़ से निकली चंदन, प्यास, रोहिन व महाव नाला खतरे के निशान पार कर गए हैं। नौतनवा के खैरहवा दूबे में महाव का तटबंध टूटने के कारण जहां संपर्क मार्ग कट गया है। वहीं नेपाल के पहाड़ों में हो रही बारिश से झरही उर्फ प्यास नदी का जलस्तर उफना गया। पानी के तेज दबाव से नौतनवां क्षेत्र के राजाबारी गांव के पूरब झरही नदी का पश्चिमी तटबंध शेषमणि के बागीचे के सामने पांच मीटर, पजरफोरवां गांव के पश्चिम जोगी के खेत के सामने आठ मीटर, नदी के पूर्वी तटबंध विजयीनंदन के खेत के सामने दस मीटर, दोमुहान गांव के पूरब झरही नदी का पश्चिमी तटबंध रामाशीष यादव के खेत के सामने लगभग 30 मीटर टूट गया। इससे गांवों में पानी घुसने लगा है। डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार, एसडीएम नौतनवा राम सजीवन मौर्या, बीडीओ नौतनवा खैरहवा दुबे टूटे तटबंध का निरीक्षण किया। बताया कि खैरहवा दुबे में जो संपर्क मार्ग टूट गया है उसमें पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से वार्ता हो गई है। पानी कम होते ही पुलिया लगवाने के साथ-साथ आवागमन बहाल कर दिया जाएगा।

सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के मुताबिक महाव में बुधवार को साढ़े पांच फुट पानी रिकार्ड किया गया। खतरे के निशान से महाव आधा फुट उपर बह रहा है। महाव का चार तटबंध टूटा है, उसकी अभी मरम्मत नहीं हो पाई है। चंदन नदी 101.45 मीटर पर बह रही है। इसका डेंजर लेवल 101.05 मीटर है। प्यास नदी भी डेंजर लेवल 102.25 मीटर पर बह रही है।

खैरहवा दूबे का संपर्क मार्ग तीन स्थानों पर कटा,आवागमन ठप

बरगदवा। महाव नाला का तटबंध टूटने से बरगदवा क्षेत्र में बाढ़ की पानी ने तबाही मचा दिया है। नौतनवा ठूठीबारी मार्ग को खैरहवा दूबे से जोड़ने वाला सपंर्क मार्ग बाढ़ की पानी से तीन जगह टूट गया है। इससे आवागमन बाधित हो गया है। ग्रामीण दहशत में हैं। फसलें डूबी हैं। संपर्क मार्ग पर पुलिया लगाने के लिए ग्रामीण पीडब्ल्यूडी से गुहार लगाते रहे फिर भी विभाग अनसुनी करता रहा है। प्रधान प्रतिनिधि चंदशेखर सिंह, राजनारायन यादव, बंसे यादव, कवलमन यादव, रूदल प्रसाद, कोमल प्रसाद, रामचल प्रसाद ने बताया कि बाढ़ के कारण संपर्क मार्ग के पीच का तारकोल व गिट्टियां हर साल टूट जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक संपर्क मार्ग पर बड़ी पुलिया नहीं लगाई जाएगी तबतक पानी की धारा सम्पर्क मार्ग को काटती रहेगी।

एसडीएम फरेंदा ने किया बेलसड़ रिगौली बांध का निरीक्षण

धानी बाजार। एसडीएम फरेन्दा अभय कुमार गुप्ता ने बुधवार को राप्ती नदी के बेलसड़-रिगौली बांध व धानी ब्लाक का निरीक्षण किया। लगातार बारिश से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे बेलसड़-रिगौली बांध पर दबाव बढ़ना शुरू हो गया है। निरीक्षण के दौरान बांध के रेनकट व रैट होल देख एसडीएम ने उसे जल्द से जल्द भरने व ठीक कराने की निर्देश दिया। बांध के निरीक्षण के बाद एसडीएम ने धानी ब्लाक और सहकारी गेंहू क्रय केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने क्रय केंद्र पर मौजूद किसानों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ किया। बीडीओ उमेश लाल श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि जिन गांव में नाव खरीदा गया है उसको तीन दिन के अन्दर ठीक करा लिया जाए।

बाढ़ से ध्वस्त हो गया पचडिहवा गांव के सामने बना रोहिन नदी का ठोकर

भगवानपुर। भारी बारिश से रोहिन नदी में आई बाढ़ से पचडिहवा गांव के सामने कटान को रोकने के लिए बना अधूरा ठोकर ध्वस्त हो गया है। ग्रामीणों की लाख शिकायत के बावजूद भी अधूरे ठोकर को पूरा नहीं किया गया। नदी के कटान को देखकर ग्रामीणों में भय व आक्रोश बढ़ता जा रहा है। परसामलिक थाना क्षेत्र का ग्राम पंचायत महदेईया टोला पचडिहवा रोहिन नदी के किनारे बसा हुआ है। कुल 40 घरों में लगभग 400 की आबादी है। नदी के किनारे बसे होने के कारण हर साल बाढ़ के समय में ग्रामीण डरे सहमे रहते हैं। गांव को बचाने के लिए विभाग ने नदी में ठोकर बनाने के लिए वर्ष 2014 मे 36 लाख रूपए की मंजूरी दिया था। जिसमें आधा अधूरा 8 ठोकर बनाया गया। पहली बाढ़ में सब ठोकर ध्वस्त हो गया था।

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