मासूमों की खामोश दुनिया में गूंजी किलकारी, जिले में 65 बच्चों को मिला श्रवण उपहार

Mar 03, 2026 03:26 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, महाराजगंज
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Maharajganj News - महराजगंज में पिछले पांच वर्षों में, 29 बच्चों की कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी सफल हुई है, जिनमें से कई जन्म से ही सुनने में असमर्थ थे। सरकारी वित्तीय सहायता से यह सर्जरी संभव हुई, जिससे बच्चों की दुनिया में खुशियों की गूंज लौट आई है। अब बच्चे पहली बार सुन सकेंगे और उनके परिवारों में खुशी की लहर है।

मासूमों की खामोश दुनिया में गूंजी किलकारी, जिले में 65 बच्चों को मिला श्रवण उपहार

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिन मासूमों ने जन्म के बाद से न मां की लोरी सुनी थी और न पिता की पुकार, अब उनकी खामोश दुनिया में खुशियों की गूंज सुनाई देने लगी है। जिले में पिछले पांच वर्षों के भीतर खामोशी के खिलाफ एक बड़ी जंग जीती गई है। प्रदेश सरकार के वित्तीय सहयोग से जिले के 29 ऐसे बच्चों की कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी सफल रही है जो जन्मजात सुनने की शक्ति से वंचित थे। आज विश्व श्रवण दिवस के मौके पर इन परिवारों के चेहरों पर लौटी मुस्कान सरकारी योजनाओं की सफलता की गवाही दे रही है। शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के इन बच्चों के लिए दुनिया पूरी तरह खामोश थी।

गरीब व मध्यमवर्गीय परिजनों के लिए लाखों रुपये की सर्जरी कराना किसी सपने से कम नहीं था। ऐसे में शासन ने मददगार की भूमिका निभाते हुए प्रति बच्चा छह लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। इस भारी-भरकम राशि से हुई कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी ने न केवल बच्चों को सुनने की क्षमता दी, बल्कि उनके बोलने की राह भी आसान कर दी है। जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी कन्हैया यादव के मुताबिक वर्ष 2020 में 2, 2021 में 2, 2022 में 4, 2023 में 6 मासूम बच्चों में शासन की वित्तीय मदद से गोरखपुर के एक अस्पताल में कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी कराई जा चुकी है। इस साल अभी तक 11 बच्चों की कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी कराई जानी है। इसके लिए 66 लाख रूपया स्वीकृत हो चुका है। इसमें से घुघली क्षेत्र के मेदिनीपुर नारायण टोला की अनुपमा, निचलौल नगर पंचायत के कृष्णा नगर वार्ड की मौली, महेशपुर मेहदिया की जीनत व भिटौली क्षेत्र के किशुनपुर के रहने वाले मासूम बच्चे बलराम की कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी हो चुकी है। अन्य बच्चों की भी जल्द सर्जरी कराई जाएगी। जिससे वे पहली बार सुन सकेंगे। हियरिंग एड से 36 और बच्चों के कानों तक पहुंचेगी मां की पुकार। सिर्फ सर्जरी ही नहीं बल्कि कम सुनने की समस्या से जूझ रहे बच्चों के लिए भी जिला प्रशासन सक्रिय है। जिला दिव्यांगजन विभाग के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर 36 बच्चों का चयन हियरिंग एड (श्रवण यंत्र) के लिए किया गया है। इनमें से 18 बच्चों के कानों में मशीन लगाई जा चुकी है, जबकि शेष 18 बच्चों को भी इसी वित्तीय वर्ष के अंत तक यह सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रति बच्चे के हियरिंग एड पर साढ़े आठ हजार रूपया खर्च विभाग वहन कर रहा है। परिजनों के आंखों में खुशी के आंसू विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सर्जरी के बाद जब पहली बार बच्चों ने आवाजों पर प्रतिक्रिया दी तो परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। जिन मां-बाप को कभी लगता था कि उनका बच्चा उम्र भर खामोश रहेगा, अब वे उन्हें स्कूल भेजने की तैयारी कर रहे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पांच साल से कम उम्र में अगर ऐसी खराबी का पता चल जाए तो सर्जरी के परिणाम शत-प्रतिशत सकारात्मक रहते हैं। बोले जिलाधिकारी शासन की मंशा है कि कोई भी बच्चा दिव्यांगता के कारण समाज की मुख्यधारा से पीछे न छूटे। जिले में 29 बच्चों का कॉक्लियर इंप्लांट सफल होना एक बड़ी उपलब्धि है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि स्क्रीनिंग के जरिए ऐसे और बच्चों की पहचान कर उन्हें हियरिंग एड व अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें। - संतोष कुमार शर्मा-जिलाधिकारी

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