DA Image
28 सितम्बर, 2020|2:15|IST

अगली स्टोरी

नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व शुरू

नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व शुरू

महराजगंज। आस्था के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान गुरुवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया। अनुष्ठान की शुरुआत शरीर की शुद्धि प्रक्रिया यानी नहाय खाय के साथ होती है। आचार्य पं.दयाशंकर शुक्ल के अनुसार एक नवंबर को खरना करके 2 नवंबर को अस्त होते हुए सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया जाएगा। जबकि 3 नवंबर को उदित होते भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर महिलाएं अपने कठिन व्रत को पूरा करेंगी। इस बार छठ व्रत की शुरुआत रवि योग में होगा। जबकि समापन सर्वार्थ सिद्धि योग के संयोग में किया जाएगा। इस महापर्व पर भक्तों को छठ मैया की कृपा से ऐसे शुभ संयोग मिले हैं, जो बेहद कल्याणकारी है। एक नवंबर को खरना से होगी व्रत की शुरुआत एक नवंबर शुक्रवार को व्रती संध्या के समय छठ मैया के लिए माटी के चूल्हे पर नए बर्तन में गुड़ और चावल से खीर बनाएंगी। इसके अलावा गुड़ की पूड़ियां, सादी पूरियां और विभिन्न तरह की मिठाईयां बनाकर केले के पत्तों पर छठ मैया के लिए प्रसाद निकालेंगी। छठ मैया को भोग लगाने के बाद व्रती इसी प्रसाद को ग्रहण करेंगी। पूरे दिन यही व्रती का आहार होगा। इस पवित्र भोजन ग्रहण करने के बाद व्रती अगले 36 घंटे तक निराजला व्रत रखेंगी।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title: Starting with Khay Nhay chhath mahaparva