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महोत्सव में भाव के भूखे राम नाटक ने जीता दर्शकों का दिल

महोत्सव में भाव के भूखे राम नाटक ने जीता दर्शकों का दिल

संक्षेप:

Maharajganj News - महराजगंज में नाट्य मंच द्वारा प्रस्तुत 'भाव के भूखे राम' नाटक ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभव से भरा। नाटक में लड्डू नामक भक्त की कहानी दिखाई गई, जो भूख के कारण पिता के घर से निकाला जाता है। आश्रम में गुरुजी की देखरेख में लड्डू ने भक्ति और श्रद्धा का पाठ सीखा और भगवान को प्रसन्न किया।

Nov 02, 2025 10:37 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, महाराजगंज
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महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। महोत्सव में महराजगंज नाट्य मंच द्वारा प्रस्तुत भाव के भूखे राम नाटक ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि भगवान कर्म या भोग से नहीं, भाव और श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं। मंचन के दौरान उपस्थित दर्शक भावविभोर हो उठे और प्रस्तुति समाप्त होने पर कलाकारों को तालियों से सम्मानित किया। भाव के भूखे राम नाटक में लड्डू नामक एक भोले और भूखे भक्त की कथा दिखाई गई, जो भूख न सह पाने के कारण पिता के घर से निकाल दिया जाता है। भटकते हुए वह एक आश्रम में शरण लेता है, जहां गुरुजी की देखरेख में उसे भक्ति और संयम का पाठ मिलता है।

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एकादशी के उपवास की जानकारी मिलने पर लड्डू असमंजस में पड़ जाता है, लेकिन अपनी सरलता और सच्चे भाव से वह भगवान के प्रति अपनी निष्ठा सिद्ध करता है। जब वह आश्रम के बाहर भोजन बनाकर भगवान को भोग लगाता है, तो प्रभु उसके निर्मल भाव से प्रसन्न होकर स्वयं दर्शन देते हैं। गुरुजी भी उस भक्ति से प्रभावित होकर सच्चे भाव के महत्व को समझते हैं और प्रभु के साक्षात दर्शन का सौभाग्य पाते हैं। लड्डू की भूमिका में पंकज कुमार मौर्य ने मासूमियत और सहजता से दर्शकों का मन जीत लिया। परिषदीय विद्यालय के शिक्षक राकेश सिंह ने हनुमान की भूमिका निभाकर सबको मुग्ध कर दिया। गुरुजी के रूप में जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियन देवेश पांडेय, भगवान राम के रूप में प्रिंस शुक्ल, लक्ष्मण की भूमिका में सत्यम पांडेय और सीता के रूप में नंदिनी का अभिनय प्रभावशाली रहा। शिष्यों की भूमिका में अविनाश मिश्र और राम वर्मा ने निभाई। संगीत संयोजन मनोज मधेशिया ने संभाला, जबकि तबले पर आनंदमय श्रीवास्तव और हारमोनियम पर रोहित निराला ने प्रस्तुति में मधुरता घोली। नाटक का संयोजन शिरोमणि दुबे ने किया।