DA Image
23 जुलाई, 2020|10:30|IST

अगली स्टोरी

महराजगंज में रोहिन औरा राप्ती नदियां लाल निशान के पार

महराजगंज में रोहिन औरा राप्ती नदियां लाल निशान के पार

बाढ़ कन्ट्रोल रूम के अनुसार गुरुवार को अपराह्न 4 बजे जहां गंडक नदी के जलस्तर में कमी आई है। वहीं रोहिन नदी व राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जबकि चंदन व प्यास नदी का जलस्तर घटा है। महाव नाला भी खतरे के निशान से काफी नीचे बह रहा है। जिले में 55 एमएम बारिश हुई है।

सोहगीबरवां में बाढ़ का पानी कम, पर गांवों का टूटा सम्पर्क

निचलौल। निचलौल तहसील के सुदूरवर्ती गांव सोहगीबरवां, शिकारपुर व भोथहा में घुसा नारायणी नदी के बाढ़ का पानी कम हुआ है, लेकिन वहां के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इन गांवों के आठ टोलों के 11 हजार लोग एक-दूसरे टोले व गांवों से कट गए हैं। बाढ़ के पानी से जहां इन तीनों गांव के आठ टोलों को जोड़ने वाली पांच पिच सड़कें जगह-जगह टूट गई हैं, वहीं अधिकांश घरों में राशन के अभाव में समस्या उत्पन्न हो गई है। लगातार बारिश के कारण नारायणी नदी के जलस्तर में मंगलवार रात में काफी वृद्धि हो गई थी। इससे नदी का पानी सोहगीबरवां, शिकारपुर व भोथहा गांवों में घुस गया। बाढ़ का पानी आने के कारण लोग अपने बच्चों व जानवरों को साथ लेकर गांव के पास पक्की सड़क, पुलिया, प्राथमिक विद्यालय व पक्के मकान के छत पर शरण लेकर अपने को सुरक्षित किए। सोहगीबरवां के प्रधान विनय सिंह ने गांव पहुंचे एसडीएम अभय कुमार गुप्त को ग्रामीणों की समस्या के बारे में बताया। बाढ़ के पानी से इन गांवों को जोड़ने वाली सोहगीबरवां से भोथहा, शिकारपुर से सोहगीबरवां, नौका टोला से सोहगीबरवां, भोथहा से दौनहां व पिपरासी से शिकारपुर को जोड़ने वाली पिच सड़कें जगह जगह टूट गई हैं, जिससे इन गांवों के लोगों को एक गांव से दूसरे गांव में पहुंचने में परेशानी हो रही है। वहीं बाढ़ के कारण जिन लोगों के घर में राशन थे वह खराब हो गए हैं। इससे ऐसे लोगों को दो जून के भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।

प्रधान की पहल से ठीक हुई पेयजल व्यवस्था

सोहगीबरवां में बाढ़ का पानी आने के कारण ग्रामीणों के सामने पेयजल की भी समस्या उत्पन्न हो गई। ग्राम प्रधान विनय सिंह ने जहां जरूरतमन्दों के बीच राशन मुहैया कराया है, वहीं गांव में खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपम्प दुरूस्त कराया है। बाढ़ के बाद ग्रामीणों में संक्रामक बीमारियों का डर भी बना हुआ है।

मजदूरों के सामने रोजगार की समस्या

सोहगीबरवां, शिकारपुर व भोथहा ग्राम पंचायतों की लगभग 55 प्रतिशत आबादी मुसहर व अनुसूचित जाति के मजदूर वर्ग की है। बाढ़ के चलते ऐसे लोगों के समक्ष जहां भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है, वहीं बाढ़ के चलते रोजगार न मिलने से इन लोगों की समस्या बढ़ गई है।

----

सोहगीबरवां समेत तीन गांवों में बाढ़ का पानी कम हुआ है। गांव में लेखपाल व राजस्व निरीक्षक को भेजा गया है। राजस्व कर्मचारी बाढ़ पीड़ितों का सर्वे कर रहे हैं। सर्वे के बाद इनकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी।

अभय कुमार गुप्त, एसडीएम-निचलौल

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Rohin Aura Rapti rivers across the red trail in Maharajganj