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महाराजगंजहोम आइसोलेशन से संभाला बचाव का मोर्चा, कोरोना मुक्त होने की राह पर परसौनी बुजुर्ग

हिन्दुस्तान टीम,महाराजगंजPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:41 AM
होम आइसोलेशन से संभाला बचाव का मोर्चा, कोरोना मुक्त होने की राह पर परसौनी बुजुर्ग

पुरैना (महराजगंज)। बंधु मद्धेशिया

घुघली क्षेत्र के परसौनी बुजुर्ग में पंचायत चुनाव से लेकर अब तक लगभग सवा महीने में 10 लोगों के असामयिक मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल था। गांव में कोविड जांच में 13 संक्रमित मिले थे। इससे पूरा गांव भयभीत था। लोग घर से बाहर निकलना बंद कर दिए थे। पर, प्रतिकूल परिस्थिति में बेबसी के माहौल में भी ग्रामीणों ने धैर्य नहीं खोया। होम आइसोनलेशन में रह कर लोगों ने कोरोना से बचाव का मोर्चा संभाला। जांच, इलाज व कोविड गाइडलाइन के बेसिक नियमों के पालन से अब यह गांव कोरोना मुक्त होने की राह पर है।

परसौनी गांव में पंचायत चुनाव के दौरान संदिग्ध मौत का सिलसिला शुरू हुआ। सवा माह के भीतर दस लोगों की अस्वभाविक मौत हो गई। ग्रामीणों की मांग पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले आठ मई को गांव में कोविड टेस्ट कैम्प लगाई। 83 लोगों की जांच हुई। इसमें 13 संक्रमित मिले। इससे गांव में खौफ का माहौल कायम हो गया। स्थिति यह थी कि पड़ोसी गांव के लोग भी आना-जाना बंद कर दिए। बाजार या चौराहे पर यहां के लोगों से जब दूसरे गांव के परिचित मिलते थे तो वह मुंह फेर कर दूसरे तरफ निकल जा रहे थे। अब यहां के लोगों के धैर्य व संयम से कोरोना मात खाना शुरू कर दिया है। 23 मई को स्वास्थ्य विभाग की दोबारा कोविड टेस्ट रिपोर्ट में एक भी पॉजिटिव नहीं मिले।

गांव में था कर्फ्यू जैसा सन्नाटा, सूनी थीं गलियां

सवा माह में दस की संदिग्ध मौत व 83 लोगों की जांच में एक साथ 13 पॉजिटिव मिलने के बाद ग्रामीण कोरोना महामारी से भयभीत हो गए थे। हर आदमी एक दूसरे से दूरी बनाकर रहने लगा। गांव में कर्फ्यू जैसा माहौल कायम हो गया। हमेशा गुलजार रहने वाली गलियां सूनी रहने लगी। बीमार लोग दवा, काढ़ा, गर्म पानी,भाप,गर्म भोजन का लगातार उपयोग करने लगे। जिसका परिणाम सकारात्मक मिलने लगा। 15 दिन बाद जांच में सभी संक्रमित कोरोना मुक्त हो गए।

अच्छे दिनों की आस में बाशिंदे, एहतियात से गुजर रही जिंदगी

परसौनी बुजुर्ग गांव में कोरोना के दस्तक देने से ग्रामीण सतर्क हो गए थे। दूसरी जांच में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद लोगों ने राहत की सांस लिया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अविनाश उर्फ बंटी पटेल ने बताया कि कोरोना महामारी से पूरा गांव सहम गया था। संक्रमण का मामला सामने आने के बाद गांव को सेनेटाइज किया गया। अब स्थिति सामान्य होती नजर आ रही है। फहीम अहमद के मुताबिक यह जागरूकता की ही देन है कि भीषण संक्रमण की चपेट में आने के बाद ग्रामीणों ने हार नहीं माना। सुदर्शन प्रजापति का कहना है कि पंचायत चुनाव के बाद कोरोना ने दस्तक दिया। दस लोगों की संदिग्ध मौत होने से ग्रामीण दुख से अभी नहीं उबर पाए हैं। भयभीत थे। घुघली ब्लाक के पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि व गांव के निवासी अरुण सिंह पटेल ग्रामीणों के संयम व समझदारी से अब गांव में कोरोना केस में गिरावट महसूस हो रही है। यह सुखद संकेत है।

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