अब प्राइवेट हास्पिटल में एआरवी इंजेक्शन लगवा सकेंगे
Maharajganj News - महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) इंजेक्शन लगवाने के लिए लोगों को परेशान

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) इंजेक्शन लगवाने के लिए लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। शासन ने निजी हास्पिटलों इस इंजेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। शासन के आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया है। पंजीकृत सभी प्राइवेट हास्पिटलों को एआरवी स्टाक रखने और पीड़ित को वैक्सीन देने का निर्देश दिया गया है। कुत्ता, बिल्ली, बंदर, सियार, बाघ, नेवला और चूहा के काटने पर व्यक्ति को रेबीज होने की आशंका अधिक हो जाती है। एंटी रेबीज होने पर व्यक्ति को बचाना मुश्किल हो जाता है। रेबीज बीमारी से बचने के लिए इन जानवरों को काटने के बाद व्यक्ति को एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की डोज लेना जरूरी होता है।
समय-समय पर पूरी डोज लेने के बाद व्यक्ति रेबीज से सुरक्षित हो जाता है। लेकिन एआरवी की सुविधा सिर्फ सरकारी अस्पतालों में मिलती है। इससे यहां पर हर रोज रेबीज की टीका लगवाने के लिए पीड़ितों की भीड़ हो रही है। दो बजे के बाद सरकारी अस्पताल में भी एआरवी नहीं दिया जाता है। इससे पीड़ितों को समय पर रेबीज टीका लेने से वंचित हो जा रहे हैं। इससे उन्हें रेबीज होने की आशंका अधिक हो गई है। शासन ने पीड़ितों की सहूलियत के लिए सरकारी अस्पताल की तरह प्राइवेट हास्पिटलों में भी एआरवी की सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। दूसरी डोज सरकारी अस्पताल में लेने की देंगे सलाह प्राइवेट हास्पिटल पीड़ित को एआरवी की पहला डोज देने के बाद दूसरा, तीसरा व चौथा डोज की तारीख लिखकर पीड़ित को उपलब्ध कराएंगे। पीड़ित को यह बताएंगे कि पहला डोज दे दिया गया है। अन्य डोज सरकारी अस्पताल पर पहुंचकर समय से लेंगे। रेबीज जीवन में कभी भी हो सकता है जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश रमन ने बताया कि रेबीज संक्रमित ये जानवर यदि काट लिया है तो रेबीज का इंजेक्शन तत्काल लेना चाहिए। समय-समय पर पीड़ित को अस्पताल को पहुंचकर रेबीज के सभी टीके लगवा लेना चाहिए। टीका नहीं लगवाने पर जीवन में कभी भी रेबीज का शिकार हो सकते हैं। जिला अस्पताल में 128 लोगों को दिया गया रेबीज का टीका जिला अस्पताल के इंजेक्शन कक्ष में दो बजे तक 128 लोगों ने रेबीज का टीका लिया है। इसमें सबसे अधिक पहला डोज लेने वाले पीड़ित शामिल रहे। रेबीज की पांच डोज लेना जरूरी इंजेक्शन कक्ष के फार्मासिस्ट रजनीकांत ने बताया कि पीड़ित को रेबीज का पांच डोज लेना जरूरी है। काटने के 24 घंटे के अंदर पहला, उसके तीन दिन बाद, सात दिन बाद फिर 14 दिन बाद व जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है उन्हें 28वें दिन इंजेक्शन लेना होता है। इसमें पहला और अंतिम डोज समय से लेना बहुत जरूरी होता है। जिले में 115 प्राइवेट हास्पिटल पंजीकृत हैं। इन सभी हास्पिटलों को एआरवी की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में एआरवी उपलब्ध है। इसकी मानिटरिंग हर रोज की जा रही है। डॉ. नवनाथ प्रसाद, सीएमओ
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