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साइबर अपराध से निपटने को तकनीकी रूप से दक्ष हुई पुलिस

साइबर अपराध से निपटने को तकनीकी रूप से दक्ष हुई पुलिस

संक्षेप: Maharajganj News - महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और विवेचना

Sat, 8 Nov 2025 12:07 PMNewswrap हिन्दुस्तान, महाराजगंज
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महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार के लिए एडीजी गोरखपुर जोन के निर्देश पर पुलिस लाइन में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस कर्मियों को नवीनतम डिजिटल तकनीकों की जानकारी दी गई। साइबर कमांडो उपनिरीक्षक उपेंद्र कुमार सिंह ने साइबर थाना और जिले के सभी थानों में स्थापित साइबर हेल्प डेस्कों पर तैनात कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। एडिशनल एसपी सिद्धार्थ के नेतृत्व में आयोजित सत्र में ऑनलाइन ठगी की पहचान, डिजिटल साक्ष्य एकत्रीकरण, सोशल मीडिया विश्लेषण और साइबर फॉरेंसिक उपकरणों के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षक ने बताया कि साइबर अपराधी अब मोबाइल ऐप, ई-वॉलेट, सोशल मीडिया लिंक और फर्जी कॉल के जरिये आम नागरिकों को ठग रहे हैं।

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ऐसे में थाना स्तर पर शिकायत दर्ज करने वाले पुलिसकर्मी तकनीकी रूप से दक्ष हों, ताकि ठगी के तुरंत बाद अपराधियों के बैंक खाते और डिजिटल ट्रेल को ट्रैक किया जा सके। इस दौरान साइबर क्राइम थाना प्रभारी सजनू यादव, हेड कांस्टेबल प्रफुल्ल यादव समेत कई एसआई व पुलिस कर्मी मौजूद रहे। एनसीआरपी और जेएमआईएस पोर्टल से अपराधों पर रखी जाएगी निगरानी प्रशिक्षण में राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल व जेएमआईएस सिस्टम की कार्यप्रणाली समझाई गई। पुलिस कर्मियों को बताया गया कि अधूरी शिकायतों के कारण विवेचना प्रभावित होती है, इसलिए पीड़ितों की शिकायतें पोर्टल पर पूर्ण रूप से दर्ज कराई जानी चाहिए। तकनीकी साधनों की मदद से खातों की निगरानी, संदिग्ध ट्रांजेक्शन को रोकना और ठगी की रकम वापस कराने की प्रक्रिया पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। तकनीकी दक्षता ही सफलता की कुंजी: एसपी एसपी सोमेंद्र मीना ने कहा कि साइबर अपराध आज समाज की बड़ी चुनौती बन चुके हैं। अपराधियों की कार्यप्रणाली दिन-ब-दिन तकनीकी होती जा रही है, इसलिए पुलिस का डिजिटल रूप से प्रशिक्षित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से विवेचना की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। इससे न केवल साइबर अपराधियों की पहचान व गिरफ्तारी में तेजी आएगी, बल्कि आम नागरिकों का पुलिस पर विश्वास भी मजबूत होगा। एसपी ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम पोर्टल पर दें ताकि अपराधियों को जड़ से खत्म किया जा सके।