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महाराजगंज

छह प्लांट से मिलने लगेंगे ऑक्सीजन पर सिलेंडर पर ध्यान ही नहीं

हिन्दुस्तान टीम,महाराजगंजPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:31 AM
छह प्लांट से मिलने लगेंगे ऑक्सीजन पर सिलेंडर पर ध्यान ही नहीं

महराजगंज। सुरेश चौधरी

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सबकुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द जिले में छह प्लांट से ऑक्सीजन के उत्पादन भी शुरू हो जाएंगे। लेकिन जिले में ऑक्सीजन रिफलिंग के लिए स्वास्थ्य प्रशासन के पास पर्याप्त सिलेंडर ही नहीं हैं। यही वजह है कि ऑक्सीजन होने के बाद भी बैकअप के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर का संकट दूर होता नहीं दिख रहा है।

तीसरी लहर को लेकर हो रही तैयारियों के बीच 200 बेड वाले कोविड एल-टू हास्पिटल में बच्चों और वयस्कों के लिए अलग-अलग आईसीयू वार्ड बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इतना ही नहीं दूसरी लहर में ऑक्सीजन की आई किल्लत को दूर करने के लिए पांच विधानसभा में छह ऑक्सीजन प्लांट बनने जा रहा है। जिला महिला कोविड एल-टू हास्पिटल के बगल में ही दो प्लांट लगाने की तैयारी में है। लेकिन ऑक्सीजन की रिफलिंग के लिए सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के लोगों का ही कहना है कि यदि सभी ऑक्सीजन प्लांट शुरू कर दिया जाय तो सिलेंडर के अभाव में प्लांटों पर रिफलिंग नही हो पाएगी।

500ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे हैं जिले के कोरोना व सामान्य मरीज

जिले के सरकारी और निजी हास्पिटलों में सिर्फ 500 ऑक्सीजन सिलेंडर ही हैं। इनमें 250 जम्बों और 250 छोटे सिलेंडर शामिल हैं। दूसरी लहर में इन सिलेंडर के सहारे ही कोरोना संक्रमितों के साथ बीमारी से गंभीर मरीजों की जान बचाने में स्वास्थ्य प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। ऑक्सीजन की कमी से कोविड हास्पिटलों में तीमारदार और अभिभावकों में मारपीट व तोड़फोड़ होती रही। यदि ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने के पहले सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हुई तो तीसरी लहर में मुश्किल होगी।

बैकअप के लिए कम से कम एक हजार सिलेंडर की है जरूरत

जिले के कोविड और नान कोविड हास्पिटलों के लिए कम से कम एक हजार की ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता है। इसमें सिर्फ 800 कोविड हास्पिटल के लिए जरूरी है। एक हजार सिलेंडर उपलब्ध होने से कोविड हास्पिटलों में बैकअप के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की उपलब्धता हो जाएगी।

सिलेंडर की मूल्य बढ़ने से खरीददारी करने से कतरा रहा स्वास्थ्य प्रशासन

सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। बैकअप के लिए कम से कम एक हजार ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत है। तत्काल में 500 सिलेंडर की खरीददारी करनी है। लेकिन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ने से खरीददारी प्रक्रिया रोक दी गई है। 12 हजार की जगह 18000 में जम्बों सिलेंडर मिल रहा है। सिलेंडर की व्यवस्था करने के हर विकल्प पर काम चल रहा है।

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