सवालों की बौछार से बचने को तीन दिन के भीतर खुद करें ऑनलाइन स्वगणना

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Maharajganj News - महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। यदि आप जनगणना के दौरान प्रगणकों के 33 भारी-भरकम व लंबे

सवालों की बौछार से बचने को तीन दिन के भीतर खुद करें ऑनलाइन स्वगणना

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। यदि आप जनगणना के दौरान प्रगणकों के 33 भारी-भरकम व लंबे सवालों की बौछार से बचना चाहते हैं तो मोबाइल उठाइए व 21 मई तक अपनी स्वगणना खुद ऑनलाइन कर लीजिए। एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर यह डिजिटल कदम न केवल आपके समय की बचत करेगा, बल्कि देश के विकास की योजनाओं में आपकी सटीक भागीदारी भी सुनिश्चित करेगा। पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से स्वयं एवं अपने परिवार की गणना करने का विकल्प सिर्फ तीन दिन और खुला है। इसके बाद यह सुविधा बंद हो जाएगी एवं प्रगणकों को आपके दरवाजे पर आना ही पड़ेगा।

स्वगणना के लाभ

21 मई की समयसीमा समाप्त होने के बाद जब प्रगणक घर-घर पहुंचेंगे तो नागरिकों से मकान एवं परिवार से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। लेकिन जिन लोगों ने पहले ही ऑनलाइन स्वगणना कर ली है, उन्हें इस लंबी पूछताछ से पूरी राहत मिलेगी। प्रगणक के आने पर उन्हें सिर्फ अपनी जनरेटेड आईडी दिखानी होगी। प्रगणक उनसे कोई सवाल नहीं पूछेंगे, बल्कि उनके द्वारा भरे गए डेटा का मौके पर केवल भौतिक सत्यापन करेंगे।

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जनपद की स्थिति

रफ्तार धीमी होने से ग्रीन से सीधे येलो जोन में खिसका जिला। अभियान के शुरुआती दौर में जनपद ग्रीन जोन में शामिल था। लेकिन अंतिम दौर में सुस्ती के कारण जिला रैंकिंग में 24वें स्थान से सीधे 41वें स्थान पर खिसककर येलो जोन में पहुंच गया है। जिले में अब तक मात्र 30 हजार 304 लोगों ने ही ऑनलाइन स्वगणना की है। वहीं पड़ोसी जनपद देवरिया में अब तक 44 हजार 225 लोग पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन स्वगणना पूरी कर चुके हैं। एडीएसटीओ प्रमोद यादव का कहना है कि प्रदेश में जनपद को सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए नागरिकों को अगले तीन दिनों में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

गलत जानकारी पर सजा

गलत जानकारी देने पर हो सकती है सजा। जनगणना सभी नागरिकों के लिए कानूनी रूप से जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति जनगणना अधिकारी के सवालों का जवाब देने से इन्कार करता है या गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा और एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

जानें कब कब हुई जनगणना

1951

1961

1971

1981

1991

2001

2011

2011 की जनसंख्या के आंकड़े

कुल जनसंख्या: 2,684,703

पुरुष: 1,381,754

महिला: 1,302,949

लिंगानुपात: 1000 पुरुषों पर 943 महिलाएं

बाल लिंगानुपात (0-6 वर्ष): 1000 बालकों पर 931 बालिकाएं

कुल साक्षर संख्या: 1,419,144

औसत साक्षरता दर: 62.76%

पुरुष साक्षरता दर: 75.85%

महिला साक्षरता दर: 48.92%

स्वगणना के फायदे

अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी वक्त जानकारी भर सकते हैं।

खुद डेटा फीड करने से गलतियों की आशंका कम रहेगी।

प्रगणक को आइडी दिखाने पर बेहद कम समय में वेरिफिकेशन होगा।

आपको फार्म संभालकर रखने की चिंता नहीं रहेगी।

सभी विभाग आपसी समन्वय से स्वगणना कराएं। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी, परिजन व आम नागरिक डिजिटल माध्यम से अपनी भागीदारी निभाएं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों का भी सहयोग लिया जाए।

डॉ. प्रशांत कुमार-एडीएम/जिला जनगणना अधिकारी

सामान्य प्रश्न

ऑनलाइन स्वगणना करने की समयसीमा कब है?
ऑनलाइन स्वगणना करने की समयसीमा 21 मई है।
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