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महाराजगंज

मनरेगा घोटाला : सुबह सात बजे ही पहुंच जाता था कार्यालय, करता था छेड़छाड़

हिन्दुस्तान टीम,महाराजगंजPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 09:00 PM
मनरेगा घोटाला : सुबह सात बजे ही पहुंच जाता था कार्यालय, करता था छेड़छाड़

महराजगंज। निज संवाददाता

मनरेगा का घोटाला करने वालों को शायद इसका अंदाजा नहीं था कि एक दिन उनकी सारी काली करतूतें सामाने आ जाएंगी। बीडीओ घुघली के मुताबिक करोड़ों रुपये की अनियमितता और घोटाला करने वाले जालसाज सुबह सबसे पहले दफ्तर पहुंच जाते थे और 10 बजे तक अधिकारियों व कर्मचारियों के पहुंचने से पहले अभिलेखों के साथ हेराफेरी, छेड़छाड़ करते थे। जांच में कुछ ऐसे अहम कागजात मिले हैं, जिसे देख हर कोई अचंभित हो जा रहा है।

बताया जाता है कि मनरेगा घोटाला का मास्टरमाइंड विनय मौर्य जिले के मनरेगा सेल में भी तैनात रहा है। कई सालों तक यहां रहते उसने हर मनरेगा की जानकारी हासिल कर ली थी। बड़ी चतुराई से अधिकारियों का विश्वास पात्र बनकर कार्य करता रहा। कई साल बाद सभी एपीओ के तबादले में उसे भी सिसवा ब्लाक भेज दिया गया। फिर उसके बाद उसका तबादला घुघली ब्लाक के लिए कर दिया गया। घुघली में वह दिसंबर 2020 से रहा। लेकिन उसका तानाबाना कई ब्लाकों में फैला रहा। जांच में यह बात सामने आयी कि तथा कथित ठेकेदार दिनेश मौर्या और एपीओ मनरेगा अनियमितता का तानाबाना बुनते थे। पता करते थे कि कब कब कहां मनरेगा का पैसा गया है? उसके बाद उसे हड़पने का खड़यंत्र रचते थे। विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को मिलाकर फर्जी मनरेगा मजबदूर, फर्जी मस्टरोल भरकर बिना कार्य कराए ही भुगतान कराते थे।

बीडीओ प्रवीण कुमार ने बताया कि एपीओ और कुछ लोग सुबह सात बजे ही कार्यालय पहुंच जाते थे और दस बजे तक अधिकारियों व कर्मचारियों के पहुंचने से पहले मनरेगा में गोलमाल करने संबंधित कार्य करते थे। इसका उनके पास पुख्ता सबूत है। टेबल पर एपीओ द्वारा तैयार किया गया एक ऐसा पत्र मिला है जो उद्यान विभाग को संबोधित है। इस पत्र पर एपीओ ने गलत तरीके से खुद अपना पद नाम लिखा है। इस पत्र की जानकारी बीडीओ व उच्चाधिकारियों को भी नहीं दी गई। इस पत्र की गहराई से जांच होने के बाद और बड़े खुलासे होंगे।

एक माह में डेढ़ करोड़ का घोटाला पकड़ाया

परतावल ब्लाक में मनरेगा घोटाला करने वाले जिस एपीओ और तथाकथित ठेकेदार दिनेश मौर्य का नाम आया वह घुघली ब्लाक में भी आरोपी बने। एक माह के अंदर ही परतावल और घुघली ब्लाक में डेढ़ करोड़ के घोटाला पकड़ा गया। यह तो शिकायत के बाद पकड़ा गया घोटाला है। सभी ब्लाकों में जांच व सत्यापन हो तो अरबों रुपये का घोटाला पकड़ा जा सकता है।

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