समितियों से भी मिलेंगे अब आय-जाति प्रमाण पत्र, सहकारिता में बड़ा बदलाव
Maharajganj News - महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिले में सहकारिता व्यवस्था अब सीधे आम लोगों की सुविधा से
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिले में सहकारिता व्यवस्था अब सीधे आम लोगों की सुविधा से जुड़ती दिख रही है। साधन सहकारी समितियों पर जल्द ही आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र जैसी ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं मिलने लगेंगी। इसके लिए 37 समितियों को पहले ही पंजीकृत किया जा चुका है, जबकि अन्य समितियों को जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। समितियों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा शुरू करने वाला महराजगंज प्रदेश का पहला जिला बन गया है।सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिले में विभाग ने कार्यों में तेजी लाई है। ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं शुरू होने से किसानों व ग्रामीणों को अब प्रमाण पत्र बनवाने के लिए तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
यह सुविधा उन्हें गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। इसी के साथ जिला सहकारी बैंक की स्थिति भी मजबूत हुई है। एआर को आपरेटिव सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि पिछले डेढ़ माह में जिला सहकारी बैंक की जमा राशि में 1.44 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि 668 नए खाते खोले गए हैं। बैंक के व्यवसाय को और मजबूती देने के लिए भारत सरकार के स्तर से शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक का दर्जा दिलाने की दिशा में पहल की जा रही है। सहकारी समितियां भी बैंक की डिपॉजिट बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।दो वेतनभोगी समितियां सक्रिय, चार का गठन प्रस्तावितबैंकिंग दायरा बढ़ाने के लिए दो निष्क्रिय वेतनभोगी समितियों को सक्रिय किया गया है। चार नई वेतन भोगी समितियों के गठन की प्रक्रिया चल रही है। इन समितियों के जरिए सरकारी सेवा में कार्यरत सदस्यों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे बैंकिंग व्यवसाय के साथ साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।दुग्ध व मत्स्य समितियों से भी संवरेगी सहकारिता की तस्वीरदुग्ध व मत्स्य सहकारी समितियों के सभी खाते जिला सहकारी बैंक में खोले जा चुके हैं। सदस्यता विस्तार के तहत दुग्ध समितियों में 465 व मत्स्य समितियों में 90 नए सदस्य जोड़े गए हैं। विभाग का मानना है कि डिजिटलीकरण और सेवाओं के विस्तार से सहकारिता की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। अब गांव स्तर पर ही सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके लिए 37 समितियों पर ई-डिस्ट्रिक्ट पंजीकरण हो चुका है। 62 समितियों पर सीएससी सेवा पहले से ही शुरू है। आने वाले समय में सहकारिता के माध्यम से और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।संतोष कुमार शर्मा-डीएम
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


