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भगवान जगन्नाथ के जयकारे से गूंजा बड़हरा महंथ

भगवान जगन्नाथ के जयकारे से गूंजा बड़हरा महंथ

क्षेत्र के ग्रामसभा बडहरा महन्थ स्थित 233 वर्ष पूर्व स्थापित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से गुरुवार को श्रद्धालुओं ने गगनभेदी जयकारे व आस्था के बीच भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। दो सप्ताह के विश्राम के पश्चात आषाढ शुक्ल द्वितीया को भक्तों ने भगवान जगन्नाथ का दर्शन किया।

भगवान को रथ पर आसीन करने के पूर्व मठाधीश महंथ संकर्षण रामानुज दास द्वारा मंदिर के गर्भगृह में सर्वऔषधि व गुलाबजल मिश्रित 108 घड़ों के जल से भगवान को स्नान कराया गया। ठीक अपराह्न 12 बजे मंगल आरती के बाद पट को भक्तों के दर्शनार्थ खोला गया। मान्यता है कि भगवान दो सप्ताह के विश्राम के पश्चात आज आषाढ शुक्ल द्वितीया से अपने भक्तजनों को दर्शन देते हैं। नंदीघोष लकड़ी के रथ पर गगनभेदी नारे के बीच भगवान जगन्नाथ को बहन सुभद्रा व भाई बलराम के साथ रथ पर विराजमान करने के साथ रथयात्रा प्रारंभ की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ को आस्था के साथ अपने कंधों पर खींचना शुरू किया। जिसमें समूचा माहौल भक्ति-भाव में सराबोर हो गया। अबीर-गुलाल के साथ रथयात्रा में शामिल महिलायें मंगलगीत गा रही थीं। आगे निशान पताका लेकर श्रद्धालु नाचते-गाते व जयकारा लगाते चल रहे थे। यात्रा में शामिल विभिन्न देवी देवताओं की मनोरम झांकियां रथयात्रा को शोभायमान कर रही थीं। इस बीच जगन्नाथ सरोवर के पास यात्रा के पहुंचने पर वहां वृक्षारोपण किया गया। क्षेत्र के विभिन्न गांवों का भ्रमण करने के उपरांत हिरणी नदी से वापस बरवां दिगंबर नहर पर पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने जलपान की व्यवस्था की थी। देवमिलन के पश्चात देर रात रथ यात्रा को बड़हरा मंदिर पर लाया गया, जहां महंथ संकर्षण रामानुज दास ने भगवान को चांदी के सिंहासन पर आरूढ़ किया।

ये मौजूद रहे

इस दौरान डॉ व्यंकटेश पांडेय, दुर्गेश मिश्रा, डॉ बृजेश पांडेय, शैलेंद्र पांडेय, क्षितिज, रामवचन चौहान, अमरजीत, अनूप मिश्रा, अनिरुद्ध निषाद, रूदल सहित हज़ारों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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  • Web Title:Lord Jagannath praise in rathyatra Barhara Mahanth