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तेंदुए के हमले के बाद इलाके में दहशत

तेंदुए के हमले के बाद इलाके में दहशत

संक्षेप:

Maharajganj News - महराजगंज के लक्ष्मीपुर क्षेत्र में तेंदुए के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। गांवों में लोग सूर्यास्त के बाद बाहर नहीं निकलते और महिलाएं, बच्चे, और बुजुर्ग सबसे अधिक डरे हुए हैं। सुरक्षा उपायों की कमी के कारण ग्रामीणों ने तेंदुए को नियंत्रित करने की मांग की है। वन विभाग ने गश्त बढ़ा दी है।

Jan 18, 2026 10:46 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, महाराजगंज
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महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। कोल्हुई थाना क्षेत्र के महेशपुर महेदिया वन चौकी के पास भैंस चराने गए दो ग्रामीणों पर तेंदुए के हमले के बाद पूरे लक्ष्मीपुर क्षेत्र में दहशत का माहौल है। घटना के बाद जंगल से सटे गांवों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है और लोग भय व असुरक्षा के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार शाम ढलते ही गांवों में सन्नाटा पसर जाता है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक डरे हुए हैं। पहले जहां गलियों में चहल-पहल रहती थी, अब लोग सूर्यास्त से पहले घरों में सिमटने लगे हैं। रात के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है, जिसके चलते कई परिवारों ने दरवाजे जल्दी बंद करने शुरू कर दिए हैं।

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महेशपुर महेदिया के आसपास के गांवों में तेंदुए का खौफ साफ दिखाई दे रहा है। किसानों ने खेतों में अकेले जाना बंद कर दिया है और अब समूह में काम करने को मजबूर हैं। पशुपालकों के लिए मवेशियों को जंगल की ओर ले जाना खतरे से खाली नहीं रहा, जिससे उनकी आजीविका पर असर पड़ रहा है। बच्चों को अकेले स्कूल भेजना भी लगभग बंद हो गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भी है। लोगों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि तेंदुए को जल्द नियंत्रित किया जाए, ताकि भय का माहौल खत्म हो सके। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और मुनादी के जरिए लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। रेंजर लक्ष्मीपुर वेदप्रकाश शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर न जाने, सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने और बच्चों व मवेशियों पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ी तो पिंजरा लगाने व रेस्क्यू अभियान चलाने पर भी विचार किया जाएगा।