
लंबे समय बाद यूरिया की रैक लेकर पहुंची मालगाड़ी, किसानों में खुशी
Maharajganj News - महराजगंज में आनंदनगर रेलवे स्टेशन पर यूरिया खाद की मालगाड़ी पहुंचने से किसानों में खुशी की लहर है। 1228 मीट्रिक टन यूरिया खाद की यह खेप डीएम संतोष कुमार शर्मा के प्रयासों से आई है, जिससे किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगी। अब गोरखपुर के रैक प्वाइंट पर निर्भरता खत्म होगी।
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। आनंदनगर रेलवे स्टेशन के रैक प्वाइंट पर लंबे समय बाद यूरिया खाद से लदी मालगाड़ी के पहुंचने से जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। इससे पहले 2024 में रैक आई थी। डीएम संतोष कुमार शर्मा के लगातार प्रयासों से मिली इस बड़ी सफलता के बाद अब किसानों को समय से पूरी मात्रा में खाद उपलब्ध हो सकेगी। आनंदनगर रेलवे स्टेशन के रैक प्वाइंट पर मालगाड़ी 1228 मीट्रिक टन यूरिया खाद की खेप लेकर बुधवार को पहुंची। रैक के आगमन की खबर मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे। मालगाड़ी का स्वागत किया। एआर कोऑपरेटिव सुनील कुमार गुप्ता ने इसे जिले के लिए बड़ी खुशखबरी बताते हुए कहा कि अब किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना आसान होगा।

अभी तक गोरखपुर के रैक प्वाइंट पर उतरती थी जिले को आवंटित खाद अब तक जिले को आवंटित यूरिया गोरखपुर रैक प्वाइंट पर उतरती थी, जहां से पूर्ण मात्रा में खेप जिले में नहीं पहुंच पाती थी। कई बार आवंटित खाद का हिस्सा कम होकर दूसरे जिलों को भेज दिया जाता था, जिससे स्थानीय किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पाती थी। इस समस्या को खत्म करने के लिए जिले के खाद कारोबारी लंबे समय से आनंदनगर रैक प्वाइंट को सक्रिय करने की मांग कर रहे थे। जिले में तैनाती के बाद से ही डीएम संतोष कुमार शर्मा इस मुद्दे पर गंभीर थे। उन्होंने शासन स्तर पर लगातार पत्राचार, बैठकों व कृषि मंत्री से वार्ता के जरिए इस मांग को प्रमुखता से उठाया। महीनों की लगातार कोशिश आखिरकार रंग लाई और सीधे आनंदनगर स्टेशन पर खाद की रैक उतरी। ढुलाई भाड़े में कमी से लागत घटेगी, ओवररेटिंग पर भी रोक लगेगी जिले के आनंदनगर रेलवे स्टेशन पर खाद की रैक आने से ढुलाई भाड़े में कमी से लागत घटेगी और ओवररेटिंग की शिकायतों पर भी रोक लगेगी। खाद कारोबारियों ने भी राहत जताते हुए कहा कि अब जिले में आपूर्ति निर्विघ्न चलेगी और किसानों को समय पर खाद मिल पाएगी। इस रैक ने किसानों व व्यापारियों में नई उम्मीद जगा दी है। बोले एआर कोऑपरेटिव उर्वरक की रैक अब जिले में आने से कई लाभ होंगे। सबसे बड़ा फायदा यह कि आवंटित खाद अब कटौती के बिना पूरी मात्रा में पहुंचेगी। रैक प्वाइंट जिले में होने से पर्यवेक्षण भी आसान होगा और निर्धारित मात्रा सीधे स्थानीय गोदामों में भंडारित की जा सकेगी। - सुनील कुमार गुप्ता-एआर कोऑपरेटिव

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