एसआईआर में उलझी नेपाल मूल की भारतीय दुल्हनों की पहचान
Maharajganj News - महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। भारत-नेपाल सीमा से सटे यूपी के जिलों में पीढ़ियों से

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। भारत-नेपाल सीमा से सटे यूपी के जिलों में पीढ़ियों से चले आ रहे रोटी-बेटी के रिश्ते आज एसआईआर प्रक्रियाओं के जाल में उलझते नजर आ रहे हैं। नेपाल से शादी कर भारत आई बहुएं, जिन्होंने यहां परिवार बसाया, बच्चे पाले और वर्षों से मतदान किया, अब विशेष गहन पुनरीक्षण के चलते अपनी नागरिकता व मताधिकार को लेकर असमंजस व भय में जी रही हैं। महराजगंज जनपद नेपाल से सटा है। दोनों देश के बीच बेटी-रोटी का संबंध है। जिले के सीमावर्ती क्षेत्र के अलावा जिले के सभी क्षेत्र में नेपाली मूल की भारतीय दुल्हनें हैं। बिना पासपोर्ट-वीजा के मायके-ससुराल आना-जाना, आधार-राशन कार्ड बनवाना व मतदान करना इन महिलाओं के लिए सामान्य रहा है।
लेकिन भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे एसआईआर ने उनकी पहचान पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेपाल के नवलपरासी जिले की रहने वाली रेखा की शादी वर्ष 2004 में निचलौल क्षेत्र में हुआ है। वह 2009 से लगातार मतदान करती आ रही हैं। उनके बच्चे भी मतदाता बन चुके हैं। पिता की वंशावली से बच्चों की एसआईआर में मैपिंग हो चुकी है। लेकिन रेखा की मैपिंग नहीं हो पाई। नेपाली मूल की भारतीय बहुओं में रेखा ही नहीं हैं, उनकी जैसी सैकड़ों महिलाएं हैं जिनका मायका नेपाल में होने की वजह से मैपिंग नहीं हो पाई। इस वजह से उनको नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसको लेकर परिजन भी परेशान हैं। नेपाली दुल्हनों पर आब्जर्वर भी साध गए चुप्पी एसआईआर में नोटिस की सुनवाई की स्थिति का निरीक्षण करने आए भारत सरकार के सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन नेपाली मूल की भारतीय दुल्हनों की मैपिंग में आ रही अड़चनों पर परतावल में पूरी सवाल सुने, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। नेपाली मूल की दुल्हनों के सामने यह समस्या पहली बार सामने आ रही है। रोटी-बेटी का संबंध होने की वजह से आसानी से सीमा पार शादी होती रहती है। विवाह के बाद ससुराल में आने के बाद परिवार रजिस्टर, आधार कार्ड, बैंक में खाता भी खुला है। बच्चे भी बालिग होकर मतदाता बन चुके हैं। कभी नागरिकता लेने की जरूरत नहीं हुई। अब उनकी पहचान पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जिले में एसआईआर अभियान में नो मैपिंग वाले मतदाताओं की सुनवाई चल रही है। पते व पहचान के लिए निर्वाचन आयोग ने 13 दस्तावेज मान्य किया है। नेपाली मूल की भारतीय दुल्हनों के पास इनमें से जो दस्तावेज होगा, उसी के आधार पर मैपिंग हो रही है। संतोष कुमार शर्मा-डीएम

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