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बाराबंकी की दो बच्चियों को परिवार की मुखिया बना राशन कार्ड फर्जीवाड़ा!

बाराबंकी की दो बच्चियों को परिवार की मुखिया बना राशन कार्ड फर्जीवाड़ा!

संक्षेप:

Maharajganj News - महराजगंज में राशन वितरण प्रणाली में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बाराबंकी के एक परिवार की 9 और 10 वर्ष की बेटियों के नाम पर दो फर्जी राशन कार्ड बनाए गए हैं, जिसमें उनकी उम्र 55 वर्ष दर्शाई गई है। जांच...

Aug 05, 2025 03:05 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, महाराजगंज
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महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। महराजगंज जिले के फरेंदा क्षेत्र में राशन वितरण प्रणाली और आधार कार्ड बनाने में गंभीर लापरवाही और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बाराबंकी के मूल निवासी एक परिवार की 9 और 10 वर्ष की बेटियों के नाम से दो फर्जी राशन कार्ड बनाकर उन्हें परिवार का मुखिया दर्शा दिया गया। दोनों कार्डों में बच्चियों की उम्र 55 वर्ष दर्ज है और उनके नाम पर वर्षों से खाद्यान्न उठान किया जा रहा है। मामला फैमिली आईडी बनवाने के दौरान तब सामने आया, जब आधार नंबर से राशन कार्ड विवरण जांचा गया। बाराबंकी निवासी शिवओम मिश्र परिवार के साथ महराजगंज के फरेंदा में रहते हैं।

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उनके तीन बच्चों में दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र 9 और 10 वर्ष है। शिवओम के मुताबिक बाराबंकी के राशन कार्ड में उनकी मां और पत्नी का नाम दर्ज है। तीनों बच्चों और उनका नाम दर्ज नहीं है। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान जब उनकी मां परिवार सहित फरेंदा में थीं, तब उन्होंने फरेंदा के कोटेदार से दो यूनिट राशन लेने के लिए संपर्क किया। कोटेदार ने राशन भी दिया। पीड़ित ने फर्जी राशन कार्ड रद्द कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई और बेटियों का आधार कार्ड रिलीज कराने की मांग की है। फैमिली आईडी कार्ड बनवाने के दौरान मामला उजागर शिवओम मिश्र के मुताबिक राशन कार्ड में नाम जोड़ने लिए उन्होंने अपनी बेटियों का आधार कार्ड फरेंदा के कोटेदार को दिया, लेकिन राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ा। इस पर वह शांत हो गए। हाल ही में बाराबंकी में फैमिली कार्ड बनाए जाने के लिए शिविर लगा, जहां आधार कार्ड के माध्यम से जानकारी एकत्र की गई। जांच में सामने आया कि दोनों बच्चियों के नाम और आधार नंबर से फरेंदा में दो अलग-अलग राशन कार्ड बनाए गए हैं। दोनों की जन्मतिथि 1970 दिखाई गई है और उन्हें परिवार का मुखिया बना दिया गया है। एक कार्ड में 9 और दूसरे में 6 यूनिट दर्शाई गई हैं, जबकि उनके वास्तविक कार्ड में केवल दो यूनिट ही दर्ज हैं। यह जानकारी सामने आने के बाद परिवार के लोग बेहद चिंतित और परेशान हैं। बेटियों के नाम से फर्जी ढंग से बनाए गए राशन कार्ड में शामिल सदस्य कौन हैं? यह जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल यह केस सामने आया है, लेकिन संभव है कि बड़े स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से फर्जीवाड़ा किया जा रहा हो। सवाल यह भी है कि एक आधार नंबर से दूसरा जारी कैसे हो गया? जिला पूर्ति विभाग ने मामले की जांच कराने की बात कही है। राशन कार्ड में दो बच्चियों को मुखिया बनाने की घटना जांच-पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एपी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी