
मंडी समिति के गोदाम में डंप पड़ी है सैकड़ों बोरी बाढ़ राहत सामग्री
Maharajganj News - निचलौल के मंडी समिति के गोदाम में सैकड़ों बोरी बाढ़ राहत सामग्री रखी हुई है जो वितरण नहीं होने के कारण डंप पड़ी है। जुलाई में आई लगभग 600 बोरी सामग्री में चावल, आटा, तेल और तिरपाल शामिल हैं। प्रशासन का दावा है कि दवा की वजह से सामग्री खराब नहीं होगी।
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। निचलौल स्थित मंडी समिति के गोदाम में सैकड़ों प्लास्टिक की बोरियों में बाढ़ राहत सामग्री वितरण न होने के कारण डंप पड़ी है। यह सामग्री निचलौल क्षेत्र में वितरण के लिए बरसात के सीजन में आई थी। वितरण न होने के कारण पड़ी हुई है। इससे इसके खराब होने की आशंका है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि बाढ़ राहत सामग्री की बोरियों के बीच दवा रखी गई हैं, जिससे यह खराब नहीं होगी। निचलौल तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों के बीच वितरण के लिए जुलाई महीने में तकरीबन 600 बोरी बाढ़ राहत सामग्री आई थी।
इसे मंडी समिति के बड़े गोदाम में रखा गया। बाढ़ राहत सामग्री प्लास्टिक की बोरियों में रखा गया है इसमें चावल, आटा, तेल, बाढ़ पीड़ितों के लिए तिरपाल आदि पैक किया गया है। बोरियों के ऊपर केंद्र और राज्य सरकार की आपदा राहत से संबंधित लिखा हुआ है। गोदाम में रखी गई बोरियों को तिरपाल से ढका गया है। नौ जुलाई को सोहगीबरवा में आई थी बाढ़ निचलौल तहसील क्षेत्र के सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोथहा ग्राम सभा में बाढ़ आई थी। नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इन गांवों में पानी आया था और रोहुआ नाला के रास्ते आने जाने में ग्रामीणों को दिक्कत हुई थी। बाढ़ के पानी से ग्रामीणों की फसल नुकसान हुई थी घरों में पानी नहीं पहुंचने पाया और कुछ ही दिनों में स्थिति सामान्य हो गई। मंडी समिति के पास नहीं है कोई रिकॉर्ड निचलौल मंडी समिति के गोदाम में रखी गई बाढ़ राहत सामग्री के संबंध में मंडी के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। यहां के कर्मचारियों ने बताया कि इसकी पूरी जानकारी तहसील से ही मिल सकेगी। निचलौल मंडी समिति के गोदाम में तकरीबन 600 बोरी बाढ़ राहत सामग्री रखी गई है। बाढ़ राहत सामग्री की बोरियां पैक हैं और ये खराब न होने पाए, इसके लिए इनसेक्टिसाइड का प्रयोग किया गया है। इस वर्ष बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं आई, इसके चलते इसका वितरण नहीं हो पाया। सोहगीबरवां और इसके समीप के दो अन्य गांवों में घरों में पानी नहीं घुसने पाया। इसके चलते बाढ़ राहत सामग्री को अब वेंडर के द्वारा दूसरी जगह भिजवाया जाएगा। सिद्धार्थ गुप्ता, एसडीएम निचलौल

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