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सरहदी गांव ठूठीबारी में 125 मतदाता लापता, प्रक्रिया लटकी

सरहदी गांव ठूठीबारी में 125 मतदाता लापता, प्रक्रिया लटकी

संक्षेप:

Maharajganj News - भारत-नेपाल सीमा के पास ठूठीबारी में एसआईआर अभियान अंतिम चरण में है, लेकिन 125 मतदाता अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाए हैं। बीएलओ इन मतदाताओं को खोजने में जुटे हैं। अगर समय पर फार्म नहीं जमा हुए तो नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से मदद की अपील की है।

Dec 06, 2025 09:46 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, महाराजगंज
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महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। भारत-नेपाल सीमा से सटे प्रमुख व्यापारिक केंद्र ठूठीबारी में एसआईआर अभियान अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन 125 मतदाता अब तक अपना गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाए हैं। बीएलओ के बार-बार खोजने के बाद भी ये मतदाता गांव में कहीं नहीं मिल रहे हैं। इसका सीधा असर एसआईआर अभियान की प्रगति पर पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए बीएलओ ने इन मतदाताओं की सूची सोशल मीडिया समूहों में साझा कर स्थानीय लोगों से जानकारी देने की अपील की है। चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय पर एसआईआर फार्म जमा न होने पर नाम मतदाता सूची से कट सकता है।

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एसआईआर के लिए गांव में लगाए गए हैं दस बीएलओ: ठूठीबारी ग्राम पंचायत में 9879 मतदाता और दस वार्ड हैं। यहां एसआईआर का काम 90% से अधिक पूरा हो चुका है। सुपरवाइजर/लेखपाल मनीष के अनुसार, मतदाता सूची में 160 ऐसे नाम दर्ज हैं जिनका कोई पता गांव में नहीं मिल रहा है। इन मतदाताओं के आसपास के घरों में रहने वालों से पूछताछ की गई, लेकिन कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई। सीमा से सटे इस कस्बे में नेपाल से रोजाना सैकड़ों लोग व्यापार व खरीदारी के लिए आते हैं। मतदाता सूची में जो मकान संख्या है उसके अनुसार किसी घर में मतदाता नहीं मिल रहे हैं। गायब मतदाताओं को ढूंढने का अंतिम प्रयास जारी बीएलओ के साथ-साथ हेल्प डेस्क टीम भी इन गायब मतदाताओं को खोजने में जुटी है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक एसआईआर प्रक्रिया पूरी कराई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यदि ये मतदाता नहीं मिले, तो इन्हें अनट्रेस्ड श्रेणी में शामिल करते हुए एसआईआर कार्य पूरा किया जाएगा। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद भी इन मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इसके बाद भी प्रतिक्रिया न आने पर उनके नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई इन मतदाताओंको पहचानता हो, तो उन्हेंतत्काल बीएलओ से संपर्क कराकर फार्म जमा कराने में मदद करें। सिसवा विधान में लगभग 85 फीसदी लोगों का डिजिटाजेशन का काम पूरा हो चुका है। बचे हुए लोगों में करीब 9 फीसदी लोग अनट्रेस्ड हैं। इसके लिए सुपरवाइजर, बीएलओ लगातार प्रयास कर रहे हैं। अमित कुमार सिंह, तहसीलदार, निचलौल