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महाराजगंजकोविड काल में सीमा के रास्ते मानव तस्करी की आशंका बढ़ी

हिन्दुस्तान टीम,महाराजगंजPublished By: Newswrap
Sun, 04 Apr 2021 11:01 PM
कोविड काल में सीमा के रास्ते मानव तस्करी की आशंका बढ़ी

महराजगंज। नवीन विषेन

कोरोना आपदा के बीच मानव तस्करी की आशंका भी बढ़ गई है। खासकर इंडो-नेपाल की खुली सीमा के पगडंडियों के रास्ते। बीते साल पांच महीनों में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की हेल्पलाइन में पहुंची कुल 27 लाख कॉल में से 32700 काल मानव तस्करी से संबंधित रहे और ये कॉल इस आशंका को पुष्ट भी करती हैं। इस आशंका को देखते हुए सोनौली से लेकर ठूठीबारी की संवेदनशील हुई खुली सीमा के 20 गांवों पर खास नजर रखी जा रही है। इन गांवों में जागरूकता अभियान शुरू किया गया है।

भारत में नेपाल से ही अधिक मानव तस्करी होती है। बाल श्रम, बाल विवाह, साइबर क्राइम, बाल शोषण, बहला-फुसलाकर व जोर-जबरदस्ती से नेपाल के लोगों को सीमा पार कराकर भारतीय क्षेत्र में पहुंचाया जाता है। मानव तस्करी रोकने की दिशा में दो दशक से सीमा पर काम कर रही संस्था मानव सेवा संस्थान सेवा के निदेशक राजेश मणि कहते हैं कि उच्च स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि कोविड के दौरान और कोविड के बाद मानव तस्करी के मामलों में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसे रोकने के लिए सोनौली व ठूठीबारी के बीच सीमा से सटे 20 गांवों को संवेदनशील माना गया है। एसएसबी व पुलिस मुस्तैद है तो इन गांवों के लोगों में मानव तस्करी रोकने के लिए जागरूकता पैदा की जा रही है।

मानव तस्करी को लेकर बढ़ी हैं शिकायतें

एक आंकड़े के अनुसार भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के हेल्पलाइन पर मार्च-20 से अगस्त-20 तक करीब 27 लाख काल पहुंचे। इनमें से 32700 काल सिर्फ मानव तस्करी से संबंधित थे। इसको देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मानव तस्करी रोकने की दिशा में पहल तेज करने को कहा है।

सीमा पर मानव तस्करी रोकने में पुलिस व एसएसबी मुस्तैद है। पुलिस व एसएसबी के साथ सीमा के चिह्नित 20 गांवों में अभियान चलाया जा रहा है। मानव तस्करी रोकने को लेकर हरसंभव कोशिशें की जा रही हैं।

राजेश मणि, निदेशक, मानव सेवा संस्थान सेवा

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