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ड्रोन से होगी किसानों की 50 फीसदी खाद की बचत

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिले में अब यूरिया व दवा के छिड़काव के लिए नई...

ड्रोन से होगी किसानों की 50 फीसदी खाद की बचत
हिन्दुस्तान टीम,महाराजगंजWed, 29 Nov 2023 10:00 AM
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महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम।
जिले में अब यूरिया व दवा के छिड़काव के लिए नई तकनीकी ड्रोन आ गई है। इससे किसानों का कम से कम 50 फीसदी यूरिया का खर्च बचेगा। अभी ट्रायल के रूप में विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की फसलों पर ड्रोन से यूरिया का छिड़काव शुरू हो गया है।

अभी तक यूरिया, डीएपी व अन्य रासायनिक खाद व दवाओं का छिड़काव किसान हाथ से करते थे। इससे अधिक समय और श्रम लगता था। किसानों की समय और श्रम बचाने के लिए नई तकनीकी ड्रोन आ गई है। जिससे हवा में फसल के ऊपर से यूरिया व दवा का छिड़काव किया जा सकता है। इसकी शुरूआत जिले में आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध भारत के तहत शुरूआत कर दिया गया है। इसमें इफको ने चार ड्रोन जिले में उपलब्ध कराया है। इसकी मदद से किसान अपनी फसलों पर खाद व यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं। इसमें दस से 15 मिनट में एक एकड़ फसल पर छिड़काव किया जा सकता है। अभी इसमें पानी में नैनो यूरिया डालकर छिड़काव किया जा रहा है। इसमें नैनो डीएपी व सागरिका तरल का भी छिड़काव किया जा सकता है।

इफको के जिला प्रबंधक राजेश मौर्य ने बताया कि किसानों की मांग पर ड्रोन के उड़ाने का कार्य प्रशिक्षण प्राप्त ड्रोन पायलट, टेक्नीशियन की मदद से कराया जा रहा है। एक एकड़ खेत के फसल पर छिड़काव के लिए 500 एमएल नैनो यूरिया और 250 एमएल नैनो डीएपी तथा 250 एमएल सागरिका तरल पर्याप्त है। एक एकड़ खेत का छिड़काव करने में अधिकतम दस से पंद्रह मिनट का समय लग रहा है। इस प्रकार ड्रोन तकनीक से खड़ी फसलों पर कम पानी, कम समय में एक समान छिड़काव हो जाता है। इससे किसानों को 50 प्रतिशत तक बचत होती है। ड्रोन द्वारा छिड़काव से मृदा जल, वातावरण प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी। वहीं उर्वरक अनुदान पर भारत सरकार का करोड़ों रूपये अनुदान की भी बचत होगी। उर्वरकों को ढोने के लिए अनावश्यक परिवहन व भंडारण में भी बचत होगी।

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