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5 अगस्त, 2020|10:01|IST

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आधार कार्ड बंधक रख खरीदी साइकिल, फिर लुधियाना से चल पड़े दो भाई

आधार कार्ड बंधक रख खरीदी साइकिल, फिर लुधियाना से चल पड़े दो भाई

लॉकडाउन में गैर राज्यों में फंसे लोगों के संघर्ष की कुछ ऐसी कहानियां हैं, जो उम्रभर नहीं भूलेंगी। महराजगंज जिले के धानी बाजार के दो भाइयों प्रकाश व राम अचल की दास्तां भी कुछ ऐसी ही है। लाकडाउन में काम बंद होने पर दोनों ने आधार कार्ड बंधक रखकर साइकिल खरीदी। दस दिन में 1130 किलोमीटर साइकिल चलाकर शुक्रवार को वो अपने गांव पहुंचे।

प्रकाश और राम अचल दोनों भाई हैं। लुधियाना कमाने गए थे। लॉकडाउन में काम-धंधा बंद हो गया। जेब में केवल पांच सौ रुपये बचे। घर जाने के लिए कोई साधन नहीं था। मदद की तलाश में वे लुधियाना में ही साइकिल स्टोर पर पहुंचे। दुकानदार को मजबूरी बताई। पांच सौ रुपये और आधार कार्ड देते हुए कहा कि अगर भरोसा हो तो आधार कार्ड बंधक के तौर पर रख लीजिए। दो साइकिल दे दीजिए। घर पहुंचने के बाद पैसा भेज दूंगा। उनकी बेबसी देख दुकानदार ने भी दरियादिली दिखाई और साइकिलें दी दी। दोनों 21 अप्रैल को साइकिल से ही लुधियाना से घर के लिए निकल पड़े। रास्ते में कुछ लोगों ने जलपान कराया। कहीं-कहीं भोजन भी मिल गया। घर पहुंचते ही उनकी आंखें खुशी से भर आईं। परिजनों से दूरी बनाते हुए कहा कि अब घर आ गए हैं। सब टेंशन दूर हो गई है। लुधियाना में तो ऐसा महसूस हो रहा था कि जिंदगी वहीं खत्म हो जाएगी। लुधियाना के साइकिल स्टोर के विक्रेता की दरियादिली का बखान करने से दोनों नहीं चूके। बताया कि सबसे पहला काम यही है कि पैसे का इंतजाम करके दुकानदार को भेजेंगे, ताकि ग्राहकों पर उनका भरोसा बना रहे।

मुम्बई से साइकिल चालकर दो युवक पहुंचे

भगवानपुर/धानी बाजार। नौतनवा ब्लॉक के परसामलिक गांव निवासी ओमप्रकाश 13 दिन तक साइकिल चलाकर शुक्रवार की शाम गांव पहुंचा। उसने बताया कि कोरोना से बचाव का कोई रास्ता नहीं सूझा तो साइकिल खरीदकर वह गांव के लिए चल दिया। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने उसे खाना खिलाया, मदद की। उसे प्राथमिक विद्यालय में बने क्वारंटीन में शिफ्ट कराया गया। वहीं मुम्बई से ही साइकिल चलाकर पप्पू गुप्ता नाम का युवक दस दिन में धानी पहुंचा। प्रधान प्रतिनिधि गोपाल सिंह ने बताया कि आए हुए लोगों की सूचना मिलने पर उन्हे क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया है। दोनों युवकों ने बताया कि रास्ते में कई जगह जांच हुई और लोगों के सहयोग से जगह-जगह भोजन-पानी का इंतजाम होता रहा।

भिवंडी से साइकिल से पहुंचा गांव

कोल्हुई। महाराष्ट्र के भिवंडी से पन्द्रह दिन तक साइकिल चलाकर युवक अपने गांव बड़गो पहुंचा। गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष राम सहाय चौहान ने बताया कि युवक को जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं कोल्हुई थानाक्षेत्र के हरैया पंडित गांव में शुक्रवार को एक युवक नेपाल से आया। ग्रामीणों ने उसे स्कूल पर चौदह दिन क्वारंटीन करने को कहा, लेकिन युवक घर जाने की जिद पर अड़ा था। इससे कहासुनी शुरू हो गई। कोल्हुई पुलिस ने उसे गांव के प्राथमिक विद्यालय में क्वारंटीन कराया। बभनी बुजुर्ग में में मुम्बई से आए दो युवकों को प्राथमिक विद्यालय में क्वारंन कराया गया।

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  • Web Title:Bicycle bought with Aadhaar card mortgage then two brothers from Ludhiana