जिले में बढ़ रहे एनेमिक, मई में मिले तीन पीड़ित

Newswrap हिन्दुस्तान, महाराजगंज
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एनीमियाबाद भी एनीमिया पीड़ितों की संख्या कंट्रोल नहीं हो रहा है। हर माह खून की कमी के पीड़ित मिल रहे हैं। मई में 173 हीमोग्लोबिन की जांच कराई है। इनमे

जिले में बढ़ रहे एनेमिक, मई में मिले तीन पीड़ित

महराजगंज, निज संवाददाता। जागरूकता व इलाज के बाद भी एनीमिया पीड़ितों की संख्या कंट्रोल नहीं हो रहा है। हर माह खून की कमी के पीड़ित मिल रहे हैं। मई में 173 हीमोग्लोबिन की जांच कराई है। इनमें तीन मरीजों में हीमोब्लोबिन सात ग्राम/डेसीलीटर से कम मिला है। जबकि 35 मरीजों में 13 की जगह 11 ग्राम/डेसीलीटर हीमोग्लोबिन मिला है। हालांकि इलाज के बाद इन पीड़ितों की शरीर में खून का स्तर बढ़ रहा है。

जिले के एनीमियामुक्त बनाने के लिए

सीएचसी स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। आशा से लेकर हेल्थ वर्कर गांवों में स्वस्थ रहने के लिए नियमित संतुलित आहार लेने के प्रति जागरूक करना है। इतना ही नहीं महिला को गर्भधारण का पता चलते ही उसका संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर पंजीकरण कराने के साथ प्रसव होने तक उसका चार बार पैथॉलोजी जांच के साथ ही अल्ट्रासाउंड जांच कराना है। बावजूद हर माह एनेमिक मिल रहे हैं। जिला अस्पताल के पैथॉलोजी में मई में 173 मरीजों ने हीमोग्लोबिन की जांच कराई है। इनमें तीन मरीजों में हीमोब्लोबिन सात ग्राम/डेसीलीटर से कम मिला है। जबकि 35 मरीजों में 13 की जगह 11 ग्राम/डेसीलीटर हीमोग्लोबिन मिला है।

हीमोग्लोबिन शरीर के सभी अंगों को पहुंचाता है ऑक्सीजन

जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर राजीव यादव ने बताया कि एनीमिया को आम बोलचाल में खून की कमी कहा जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं आरबीसी या हीमोग्लोबिन नही होता है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाने का कार्य करता है।

एनीमिया होने के मुख्य कारण

जिला अस्पताल में एमडी मेडिसिन चेस्ट फिजिशियन डॉ. रंजन कुमार सिंह ने बताया कि पोषक तत्वों की कमी जैसे भोजन में आयरन, विटामिन बी12, या फोलिक एसिड की कमी। क्रोनिक बीमारियां जैसे किडनी फेलियर, कैंसर या गठिया जैसी लंबी बीमारियां। रक्तस्राव अत्यधिक मासिक धर्म या चोट लगने के कारण खून बह जाना और आनुवंशिक कारण थैलेसीमिया या सिकल सेल एनीमिया होने के मुख्य कारण है।

एनेमिया के लक्षण

थकान और कमजोरी महसूस होना, त्वचा या नाखूनों को पीला पड़ जाना, सांस फूलना, चक्कर आना, दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना, सिर दर्द बना रहना।

शरीर में सामान्य हीमोग्लोबिन का स्तर

एलटी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि पुरुष के शरीर में 13 ग्राम/डेसीलीटर से अधिक और महिला में 12 ग्राम/डेसीलीटर से अधिक हीमोग्लोबिन होना चाहिए।

एनीमिया से बचाव

एनीमिया से बचने के लिए हर दिन संतुलित आहार लेना जरूरी है। इसके लिए आयरनयुक्त आहार जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, खजूर, अनार, नीबू और संतरा का पर्याप्त सेवन करना चाहिए।

महिला को गर्भ का पता चलने के बाद उसका पंजीकरण कर उसके स्वास्थ्य की देखभाल आशा और एएनएम करती हैं। प्रसव के पहले उसकी चार स्वास्थ्य जांच कराना है। खून की कमी मिलने पर संबंधित आशा को गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्र पर लाकर समय-समय पर आयरन सुक्रोज दिलाना है। जरूरत पड़ने पर ब्लड भी चढ़ाया जाना है।

डॉ. नवनाथ प्रसाद, सीएमओ

सामान्य प्रश्न (FAQs)

एनीमिया के लक्षण क्या हैं?
एनीमिया के लक्षणों में थकान और कमजोरी महसूस होना, त्वचा या नाखूनों को पीला पड़ जाना, सांस फूलना, चक्कर आना, दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना, सिर दर्द बना रहना शामिल हैं।

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