खाद खरीदारी में धांधली की तो नपेंगे जालसाज
-खरीफ सीजन में अधिक डीएपी, यूरिया खरीदने वाले जालसाजों पर कृषि विभाग की पैनी नजरखरीफ सीजन में अधिक डीएपी, यूरिया खरीदने वाले जालसाजों पर अंकुश लगाने क

महराजगंज, निज संवाददाता। कृषि विभाग ने खरीफ सीजन में अधिक डीएपी, यूरिया खरीदने वाले जालसाजों पर अंकुश लगाने के लिए कार्यवाही तेज कर दी है। जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने सहायक विकास अधिकारियों और राजकीय बीज गोदाम प्रभारियों को खाद बेचने वाले दुकानदारों की जांच करने का निर्देश जारी किया है। कृषि विभाग के जिम्मेदार रकबा और यूरिया की मात्रा की जांच कराकर सरकार के डैश बोर्ड पर अपलोड करेंगे।
जालसाजों पर पैनी नजर
कृषि विभाग का धान की रोपाई के दौरान अधिक डीएपी, यूरिया खरीदने वाले जालसाजों पर पैनी नजर है। कृषि विभाग के जिम्मेदारों द्वारा दुकानों की जांच कर फार्मर रजिस्ट्री, आधार नंबर को बारीकी से देखा जा रहा है। ऐसे में 25 से लेकर 40 बैग डीएपी, यूरिया खरीदने वाले जालसाज कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे। जिला कृषि अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने ने बताया कि खाद की बिक्री को पारदर्शी बनाने के लिए शासन काफी सख्त है। फार्मर रजिस्ट्री, आधार द्वारा अधिक खाद खरीदने वाले जांच शुरू की गई है। धान की रोपाई में अधिक खाद खरीदने वाले किसान भी जद में आएंगे।
खाद की कालाबाजारी
बार्डर क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी सबसे अधिक
ठूठीबारी कस्बा भारत-नेपाल के अर्न्तराष्ट्रीय सीमा से सीधे लगा हुआ है। ऐसे में हर सीजन में डीएपी,यूरिया खाद की तस्करी बढ़ जाती है। खाद की तस्करी में बार्डर एरिया में ग्रामीण क्षेत्र के कुछ तस्कर लगे रहते हैं। लेकिन जैसे ही एसएसबी और स्थानीय पुलिस जांच बढ़ा देती है। वे भूमिगत हो जाते हैं। पर सुरक्षा कर्मियों की थोड़ी सी ढ़िलाई से नेपाल में खाद की तस्करी बढ़ जाती है।
सरकारी कीमत
सरकार ने यूरिया की कीमत 266.50 निर्धारित किया है, पर किसान 300 से लेकर 350 रुपये प्रति बोरी खरीदने को मजबूर हो जाते हैं। इसी प्रकार डीएपी की कीमत 1350 रुपये है, लेकिन दुकानदार 1600 से लेकर 1800 रूपये तक बेच कर अधिक मुनामा कमाते हैं।
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