आंकड़ों की बाजीगरी से 185 बच्चों को नहीं मिला स्कूल
Maharajganj News - महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। आरटीई के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 में नि:शुल्क शिक्षा पाने से

महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। आरटीई के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 में नि:शुल्क शिक्षा पाने से 185 बच्चे वंचित रह गए हैं। निजी विद्यालयों की आंकड़ों की बाजीगरी में इन बच्चों को स्कूल में आवंटन नहीं हो सका है। कई निजी विद्यालयों द्वारा अपने यहां 25 प्रतिशत सीटें फुल हो जाने की सूचना दे दी। इससे इन 185 बच्चों का दाखिला नहीं हो सका।आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें रिजर्व रखने का शासनादेश है। बीते वर्षों से 2025-26 तक जिले में 263 विद्यालयों में कुल 5094 बच्चे आरटीई के तहत नामांकित रहे। सत्र 2026-27 के लिए भी बच्चों का निजी विद्यालय में दाखिला के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू किया गया।
लेकिन आंकड़ों की इस बाजीगरी में भी इस सत्र 2026-27 में भी पात्र होते हुए भी 185 गरीब बच्चे निशुल्क दाखिला से वंचित रह गए हैं। निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए तीन चरणों में आवेदन लिए गए थे। पहले चरण में कुल 1949 बच्चों में सत्यापन के बाद 554 बच्चे पात्र मिले थे। लॉटरी के दौरान इसमें 494 बच्चों को स्कूल का आवंटन हुआ। शेष 60 बच्चों को सीट नहीं मिलने से दाखिला नहीं हो सका। दूसरे चरण में 1755 बच्चों के सापेक्ष सत्यापन के बाद 630 बच्चे पात्र मिले। जिसमें 528बच्चों का स्कूल आवंटन हुआ। शेष 102 बच्चों को सीट खाली नहीं होने से स्कूल का आवंटन नहीं हो सका। तीसरे चरण में 1606 बच्चों के सापेक्ष सत्यापन के बाद 564 बच्चे पात्र मिले। जिसमें 541बच्चों को स्कूल का आवंटन हुआ। शेष 23 बच्चों को सीट नहीं मिलने से स्कूल में दाखिला नहीं हो सका। तीनों चरणों में चयनित 1563 बच्चों को जहां निजी विद्यालयों में दाखिला मिला वहीं 185बच्चे पात्र होते हुए भी वंचित रह गए।आरटीई के तहत तीनों चरणों में कुल 1563 बच्चों का निजी विद्यालयों में दाखिला दिला दिया गया है। सूचनाओं के आधार पर ही निजी विद्यालयों की सीटों प्रवेश लिया जाता है। स्कूलों की जांच करायी जाएगी। जहां भौतिक और कागजी आंकड़ों में अंतर मिलेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी।रिद्धी पांडेय, बीएसए
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