मार दो या छोड़ दो, आतंकवादी नहीं हूं...मेरठ के आकिब ने वीडियो जारी कर खुद को बताया बेगुनाह
मेरठ निवासी आकिब खान शातिर है और लगातार अपने नेटवर्क पर हो रहे पुलिस के प्रहार पर नजर बनाए हुए है। लुक आउट कार्रवाई हो या फिर उसके नेटवर्क से जुड़े उबैद और जलाल हैदर की गिरफ्तारी सभी मामलों में वह खुद को निर्दोष साबित करने के लिए वीडियो अपलोड कर रहा है।

Bijnor News: देश विरोधी गतिविधियों के आरोपों में चर्चा में आए मेरठ निवासी आकिब खान ने शनिवार को तीसरा वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया है। जारी वीडियो में उसने कहा कि मुझे मार दो या छोड़ दो, लेकिन मैं अपने ऊपर आतंकवादी का ठप्पा नहीं लगने दूंगा। मेरठ निवासी आकिब खान शातिर है और लगातार अपने नेटवर्क पर हो रहे पुलिस के प्रहार पर नजर बनाए हुए है। लुक आउट कार्रवाई हो या फिर उसके नेटवर्क से जुड़े उबैद और जलाल हैदर की गिरफ्तारी सभी मामलों में वह खुद को निर्दोष साबित करने के लिए वीडियो अपलोड कर रहा है। शुक्रवार को आतंकी गतिविधियों से जुड़े उबैद मलिक और जलाल हैदर की गिरफ्तारी के बाद जारी एडीजी अभिषेक यश के बयान पर भी विदेश में बैठा आकिब एक वीडियो के माध्यम से खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश कर रहा है।
वीडियो में वह कह रहा है कि मेरे निर्दोष होने के सबूत मेरे पास महफूज हैं। मुझे मार दो या छोड़ दो लेकिन मैं अपने ऊपर आतंकवाद का ठप्पा नहीं लगने दूंगा। वीडियो की शुरुआत में आकिब खान पहले एडीजी को लेकर कहता है कि आप देश की सुरक्षा करते हैं, मजलूमों पर जुल्म नहीं होने देते, मैं आपका सम्मान करता हूं। मैं भी कोई काम गलत नहीं करता हूं, हां गलत लोगों को टारगेट करता हूं। अपने धर्म या फिर किसी भी धर्म पर टिप्पणी करने वाले लोगों को गालियां जरूर देता हूं, अगर यह मेरा गुनाह है तो मुझे सजा दी जाए।
पाकिस्तानियों से कांटेक्ट कराने को कह रहा था साहब! मेरा आदमी नहीं
एक अन्य वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति अपने मां-बाप को संदेश दे रहा है कि मेरा मर्डर होने वाला है या फिर मैं बंद होने वाला हूं। मुझसे मुलाकात मत करना, मैं ठीक-ठाक गैंग से जुड़ गया हूं। मुझे दुआ में याद रखना, सब लोग अपना ख्याल रखना। मैंने तुम लोगों को बहुत परेशान किया, उसके लिए मुझे माफ करना। मैं बहुत जल्दी कुछ लोगों के साथ बहुत गलत करने वाला हूं।
इस वीडियो पर आकिब खान कह रहा है कि यह मेरा आदमी नहीं है, इसने लाइव आकर मुझे पाकिस्तानियों से कांटेक्ट कराने को कहा था। जिसकी मेरे पास रिकॉर्डिंग है, कई संदिग्ध मैसेज भी किए हैं, इस व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए। यह देश को कभी भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। इस व्यक्ति को कहीं से कहीं तक भी मुझसे ना जोड़ा जाए। मुझे इसके द्वारा फंसाने की कोशिश की जा रही है।
उठे सवाल : कैसे चकमा दे गया संदिग्ध समीर उर्फ रुहान
आतंकी गतिविधियों से जड़े समीर उर्फ रूहान के फरार होने पर सवाल उठ रहे है, हालांकि पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। नवंबर माह में सोशल मीडिया पर आतंकी आकिब का वीडियो वायरल होने और लखनऊ एटीएस द्वारा चार संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी के बाद से बिजनौर पुलिस पर सवालिया निशान लग रहे हैं। जिसके बाद बिजनौर पुलिस आतंकी नेटवर्क के खुलासे में जी जान से जुट गई। शनिवार को पुलिस ने आतंकी गिरोह से जुड़े उबैद मलिक निवासी टांडा माई दास थाना नगीना देहात और जलाल हैदर उर्फ समीर निवासी बुलचंदपुर उर्फ मुड़ाखेड़ा थाना नजीबाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वहीं समीर उर्फ रूहान निवासी निकट सुल्ताना डाकू का किला थाना नजीबाबाद अपना नाम उजागर होने की भनक लगते ही घर से फरार हो गया।
समीर से जलाल हैदर मिला था गुजरात में
फरार संदिग्ध आतंकी समीर गुजरात के सूरत में सैलून पर कार्य करता था। आकिब जो दुबई में रहता है उसके संपर्क में था। सूरत में ही समीर ने अपने नेटवर्क में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए आतंकी जलाल हैदर उर्फ समीर को जोड़ा था। बताया जा रहा है समीर और जलाल हैदर के बीच रिश्तेदारी है।
नेपाल तो नहीं भाग गया वांछित समीर
विदेश में बैठे आतंकी आजाद ने गिरोह से जुड़े लोगों को पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की सलाह दी थी। जिसके बाद संदेह है कि आरोपी समीर उर्फ रुहान कही नेपाल तो नहीं भाग गया।
बड़ा सवालः गिरोह से जुड़े हैं कितने युवा
सवाल उठ रहा है विदेश में बैठे मैजुल, आकिब और आजाद ने कितने लोगों को अपने गिरोह में जोड़ा है। पुलिस ने जांच के चलते कई लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच पूरी होने और विदेश में बैठे आतंकी के गिरफ्तार होने के बाद ही खुलासा होगा कि इन्होंने अपने गिरोह में कितने लोगों को जोड़ रखा है। पुलिस ने इन सभी का लुकआउट नोटिस जारी किया है। इस संबंध में बिजनौर एएसपी सिटी डॉ. केजी सिंह ने बताया, उबैद व जलाल हैदर की जानकारी के आधार पर समीर उर्फ रूहान की तलाश की जा रही है। समीर की गिरफ्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच जारी है
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


