लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे: 120 की स्पीड में दौड़ेंगे वाहन, पहले दिन से महंगा होगा सफर, कितना लगेगा टोल?
सोमवार को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की प्रदेशवासियों को सौगात मिल जाएगी। इस एक्सप्रेसवे पर 120 की स्पीड से वाहन दौड़ेंगे। एक्सप्रेसवे पर पड़ने वाला टोल भी कल से लागू हो जाएगा।

Lucknow-Kanpur Expressway: बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे (एई-6)पर 120 की स्पीड से वाहन दौड़ाने का इंतजार खत्म होने वाला है। सोमवार को इसका लोकार्पण कर दिया जाएगा। अगले दिन यानी मंगलवार की सुबह आठ बजे से एक्सप्रेस वे को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। आधुनिक तरीके से तैयार इस एक्सप्रेस वे पर छोटे चार पहिया वाहनों की अधिकतम स्पीड 120 तो भारी वाहनों की स्पीड 80 किमी प्रति घंटे निर्धारित की गई है।
लखनऊ-कानपुर हाईवे के मुकाबले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर सफर महंगा होगा। मंगलवार सुबह आठ बजे से वाहनों के लिए खुलने के साथ ही इस पर टोल टैक्स वसूला जाने लगेगा। हाईवे पर एक तरफ का कार, जीप, एसयूवी से जहां 95 रुपये लिए जाएंगे वहीं एक्सप्रेस वे पर यह 275 रुपये होगा। एक्सप्रेस वे पर सफर लखनऊ में दरोगाखेड़ा से शुरू किया जा सकता है जो कानपुर के आजाद चौक तक होगा। सोमवार को एक्सप्रेस वे का लोकार्पण लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ करेंगे।
24 घंटे में वापसी का रेट
| कार, जीप, एसयूवी: 415 |
| लाइट कमर्शियल व्हीकल: 670 |
| बस और ट्रक: 1405 |
| भारी वाहन : 1530 |
| अन्य पास |
| मासिक पास: 50 सिंगल ट्रिप के लिए कार का 9220 |
| वार्षिक पास: 3075 में 1 साल में 100 राउंड ट्रिप / 200 बार टोल क्रॉसिंग। वार्षिक फास्टैग पास वाले को प्रति ट्रिप करीब 15 रुपये लगेगा |
टू और थ्री व्हीलर प्रतिबंधित
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और दोपहिया वाहन प्रतिबंधित हैं। सिर्फ चार पहिया और भारी वाहन ही इस पर जा सकते हैं। पुराने नेशनल हाईवे-25 पर लखनऊ से कानपुर जाने में 2.5 से 03 घंटे लगते थे। एनई-6 पर यह सफर अब 35 से 45 मिनट में पूरा होगा।
एक तरफ का टोल रेट
| कार, जीप, एसयूवी: 275 |
| लाइट कमर्शियल व्हीकल: ₹445 |
| बस और ट्रक: ₹935 |
| भारी वाहन : ₹1020 |
राजनाथ और गडकरी एक्सप्रेस वे पर 51 किमी सफर करेंगे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 51 किलोमीटर सफर करेंगे। इससे पहले दोनों एक्सप्रेस वे के 51 किमी पर उन्नाव जिले में स्थित नेवरना-पड़रीखुर्द में आयोजित समारोह में एक्सप्रेस वे का लोकार्पण करेंगे। नेवरना-पड़रीखुर्द में ही कानपुर की तरफ से आने वाली साइड में एक्सप्रेस वे का रेस्ट एरिया बनाया जाएगा। इसके लिए यहां पर दो एकड़ से अधिक जमीन छोड़ी गई है। वहीं पर समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह के दौरान दोनों नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया(एनएचएआई) के अधिकारियों से ऑटोमेडेड एंड इंटेलिजेंस मशीन एडेड कंस्ट्रक्शन(एआई-एमसी) तकनीक से बने देश के पहले इस एक्सप्रेस वे के बारे में जानेंगे। अधिकारियों की ओर से उन्हें एक्सप्रेव निर्माण की तकनीकी, इसकी खासियत, देश के तीसरे और प्रदेश के पहले टोल बैरियर फ्री टोल प्लाजा, एक्सप्रेस वे पर वाहनों की अधिकतम गति, यात्री सुविधाओं आदि के बारे में पॉवर प्वाइंट प्रजंटेशन के जरिए बताया जाएगा।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


