यूपी को आज नया एक्सप्रेस-वे; लखनऊ-कानपुर 45 मिनट में 3 घंटे का सफर, कितना टोल, क्या रफ्तार लिमिट
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का आज शाम उद्घाटन हो जाएगा। कल से इस पर रफ्तार भरी जा सकेगी। एक्सप्रेस-वे से तीन घंटे का सफर 45 मिनट में पूरा होगा। टोल टैक्स, रफ्तार लिमिट, पास की कीमतें, सभी तय हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश को आज एक और एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलने जा रही है। लखनऊ-कानपुर के बीच बने एक्सप्रेस वे (एई-6) का सोमवार की शाम रक्षामंत्री राजनाथ सिंह औऱ उद्घाटन करेंगे। उनके साथ केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। कल यानी मंगलवार की सुबह आठ बजे से इस एक्सप्रेस-वे को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके शुरू होने से लखनऊ-कानपुर के बीच ढाई से तीन घंटे का सफर अब 35 से 45 मिनट में पूरा हो सकेगा। आधुनिक तरीके से तैयार इस एक्सप्रेस वे पर छोटे चार पहिया वाहनों की अधिकतम स्पीड 120 तो भारी वाहनों की स्पीड 80 किमी प्रति घंटे निर्धारित की गई है।
हाईवे के मुकाबले महंगा होगा सफर
लखनऊ-कानपुर हाईवे के मुकाबले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर सफर महंगा होगा। मंगलवार सुबह आठ बजे से वाहनों के लिए खुलने के साथ ही इस पर टोल टैक्स वसूला जाने लगेगा। हाईवे पर एक तरफ का कार, जीप, एसयूवी से जहां 95 रुपये लिए जाएंगे वहीं एक्सप्रेस वे पर यह 275 रुपये होगा। एक्सप्रेस वे पर सफर लखनऊ में दरोगा खेड़ा से शुरू किया जा सकता है जो कानपुर के आजाद चौक तक होगा।
टू और थ्री व्हीलर प्रतिबंधित
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे टू-व्हीलर यानी बाइक-स्कूटी और थ्री-व्हीलर प्रतिबंधित हैं। सिर्फ चार पहिया और भारी वाहन ही इस पर जा सकते हैं। पुराने नेशनल हाईवे-25 पर लखनऊ से कानपुर जाने में 2.5 से 03 घंटे लगते थे। एनई-6 पर यह सफर अब 35 से 45 मिनट में पूरा होगा।
छह स्थानों से प्रवेश और निकासी
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर छह स्थानों पर इंटरजेंच बनाए गए हैं, जहां से लोग एक्सप्रेस वे पर प्रवेश और निकासी कर सकेंगे। लखनऊ में दारोगाखेड़ा के पास मेन टोल, बनी और हरौनी में इंटरचेंज बनाए गए हैं। उन्नाव जिले में अजगैन और अमरसास में इंटरचेंज हैं। कानपुर में आजाद चौक पर मेन टोल गेट और इंटरचेंज हैं।
8.2 किमी की एलिवेटेड रोड की सुविधा मिलेगी
इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर फ्लाईओवर बन जाने के बाद से सीतापुर रोड पर जहां से मड़ियांव फ्लाईओवर शुरू होता है वहां से लेकर अयोध्या रोड तक लोगों को 8.2 किमी की एलिवेटेड रोड की सुविधा मिलेगी। अयोध्या रोड पर जाने के लिए यदि कोई मड़ियांव फ्लाईओवर पर चढ़ता है तो वह खुर्रम नगर और इंदिरा नगर में पहले से बने फ्लाईओवर से होता हुआ बिना किसी ट्रैफिक बाधा के पहुंच जाएगा। यही स्थिति अयोध्या रोड से सीतापुर रोड जाने वालों की रहेगी।
बिना रुके टोल टैक्स वसूली, एआई से पढ़ेंगे वाहन नंबर
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर टोल टैक्स देने के लिए रुकना नहीं होगा। यहां यूपी का पहला बिना बैरियर वाला टोल प्लाजा होगा। प्रवेश करते समय ही ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकोगनिशन (एएनपीआर+एआई) कैमरे वाहन की फोटो खीचेंगे और एआई की मदद से नंबर पढ़ेगा। साथ में लगा रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) रीडर फास्टैग को रीड कर सिस्टम को भेजेगा। वहां से वाहन का टोल अपने आप सिस्टम काट लेगा।
फास्टटैग या नंबर प्लेट न होने पर भी नहीं रुकेंगे वाहन
लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे प्रदेश का पहला टोल बैरियर फ्री एक्सप्रेस होगा। यहां पर टोल टैक्स कटाने के लिए वाहनों को रुकना नहीं होगा। फास्टैग और नंबर प्लेट न होने पर भी वाहन चालक बिना रुके निकल जाएंगे।
फास्ट टैग नहीं होने पर घर आएगा नोटिस
अगर किसी गाड़ी पर फास्ट टैग नहीं है तो कंट्रोल रूम में मैनुअल टीम वाहन नंबर औऱ डेटा से आरसी धारक का पता निकालेगी। फिर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस और पते पर नोटिस भेजा जाएगा। जिसमें दोगुना टोल और 500 से 1000 रुपये तक पेनाल्टी जमा करने के लिए वाहन स्वामी से कहा जाएगा।
वाहन स्वामी को भेजे नोटिस में टोल और पेनाल्टी जमा करने के लिए 15 दिन का समय दिया जाएगा। तब भी न जमा करने पर वाहन ऐप पर ई चालान जनरेट हो जाएगा। फिर भी न जमा करने पर आरसी निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
कितना लगेगा टोल टैक्स
वाहन सिंगल ट्रिप और 24 घंटे में वापसी
कार,जीप एसयूवी 275 और 415
हल्के कामर्शियल वाहन 445 और 670
बस और ट्रक 935 और 1405
भारी वाहन 1020 और 1530
पास भी ले सकते हैं
कार का 50 सिंगल ट्रिप के लिए 9220 रुपए का पास बनेगा। यानी हर ट्रिप 275 की जगह 185 रुपए ही पड़ेगा। इसके अलावा वार्षिक पास भी ले सकते हैं। 3075 रुपए का पास लेकर एक साल में 100 राउंड ट्रिप कर सकते हैं। यानी 200 बार टोल पार कर सकते हैं। वार्षिक फास्टटैग वालों को प्रति ट्रिप 15 रुपए देने होंगे।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


