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खुखांर छेदीलाल और मुस्तफा को जल्द मिलेगा नया अशियां

खुखांर छेदीलाल और मुस्तफा को जल्द मिलेगा नया आशियां

- रेनोवेशन बाद तैयार बाड़ों में छोड़े जाएंगे हिप्पो और घड़ियाल।

लखनऊ। निज संवाददाता।

खुंखार बाघ छेदीलाल और मुस्तफा को अपना नया अशियां जल्द ही मिल जाएगा। नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में पुनर्निमत बाड़े में जल्द ही छोड़ा दिया जाएगा जिससे इस आदमखोर जानवर की चहलकदमी को पर्यटक नजदीक से देख पाएंगे। जू में नए बाड़ों को बनाने और पुराने बाड़ों को पुर्नर्निमित करने का कार्य चल रहा है जो अब जल्द ही पूरा होने वाला है जिससे आईसोलेशन वार्ड में रखे जानवरों और अन्य स्वस्थ्य हो चुके जानवरों को बाड़ों में छोड़ा जा सकेगा जिससे चिड़ियाघर के खालीपन को दूर कर रौनक दोगुनी हो जाएगी। खुंखार बाघ छेदीलाल को तितली पार्क के पास बने बाड़े में और मुस्तफा को टाइगर हाउस में अगले महीने तक छोड़ दिया जाएगा।

-आदमखोर जानवर पर्यटकों से होंगे रूबरू

12 साल की उम्र के छेदीलाल को 31 अगस्त 2016 को छेदीपुर गांव के मैलानी खीरी से पकड़ा गया था। 225 किलो के छेदीलाल ने लगभग पांच लोगों को अपना शिकार बनाया है। वहीं मुस्तफा को पीलीभीत रेंज के मुस्तफाबाद से फरवरी 2017 में पकड़ा गया। पांच साल के इस बाघ ने छह लोगों को अपना शिकार बनाया है। जून में इन दोनों आदमखोर जानवरों को छोड़े जाने से किशन को मिलाकर तीन बाघ जू में हो जाएंगे।

- नए बाड़ों में छोड़े जाएंगे हिप्पो और घड़ियाल

वन्यजीवों के बाड़ों के पुर्नर्निमाण के साथ प्राणि उद्यान में साल 2013 और 2014 से उद्यान के 25 अन्य काम चल रहे थे। जो एक महीने के भीतर पूरा हो जाएगा। जू में 5 हिप्पो हैं, जिसमें एक बच्चा समेत तीन नर, दो मादा हिप्पो हैं, 15 घड़ियाल और 9 मगरमच्छ हैं। जिनमें मगरमच्छों, कैरकल स्माल कैट और जंगल कैट को नए बाड़ों में छोड़ दिया गया है। इस हफ्ते के अंदर हिप्पो और घड़ियाल को छोड़ा जाएगा। डॉ उत्कर्ष ने बताया कि कायाकल्प हुए नये बाड़ों में हिप्पो को भेजने के बाद अब हमारे पास पुराने बाड़े खाली हो जायेंगे। जहां हमे नए जन्मे बच्चों को रखने में आसानी होगी।

-जानवरों के विकास में आएगी तेजी

डॉ उत्कर्ष ने बताया कि नई तकनीकी तर्ज पर बने वन्यजीवों के बाड़ों में अब दर्शक मगरमच्छ, घड़ियाल और हिप्पो को उनके प्राकृतिक माहौल में पर्यटक देख सकेंगे। वन्यजीवों को उनके अनुकूल बड़े-बड़े खुले प्राकृतिक पांड में खुला माहौल मिल सकेगा जिससे वन्यजीवों का शारीरिक विकास, निरोग रहने के अलावा उनकी उम्र में भी इजाफा होगा।

मगरमच्छों को नये बाड़ों में छोड़ दिया गया है। अगले सप्ताह तक हिप्पो और घड़ियाल भी नये बाड़ों में छोड़ दिये जायेंगे।

– आरके सिंह, निर्देशक, प्राणी उद्यान

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