DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › लखनऊ › वर्कफ्रॉम होम के चलते गठिया का शिकार हो रहे युवा
लखनऊ

वर्कफ्रॉम होम के चलते गठिया का शिकार हो रहे युवा

हिन्दुस्तान टीम,लखनऊPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 07:05 PM
वर्कफ्रॉम होम के चलते गठिया का शिकार हो रहे युवा

कोरोना इफेक्ट

विश्व गठिया दिवस पर विशेष

-पीजीआई, केजीएमयू समेत दूसरे अस्पतालों की ओपीडी में 20 फीसदी मरीज 30 साल तक के युवा

-कोरोना काल में लोग घर में रहे और मनपसंद व तला-भुना खाया

-कसरत और टहलाना कम होने से मोटापा हावी हो गया

-शरीर के वजन का सबसे ज्यादा दबाव घुटनों पर पड़ने से बढ़ी दिक्कत

लखनऊ। संवाददाता

कोरोना कॉल में वर्कफ्रॉम होम के चलते भारी संख्या में युवा गठिया का शिकार हो रहे हैं। हाथ, पैर समेत शरीर के दूसरे जोड़ों और मासपेशियों में दर्द, सूजन व अकड़न की समस्या लेकर करीब 20 फीसदी युवा अस्पताल पहुंच रहे हैं। पीजीआई, केजीएमयू व राजकीय आयुर्वेद कॉलेज समेत दूसरे अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 30 साल की उम्र तक के करीब 100 युवा पहुंच रहे हैं।

युवाओं का वजन बढ़ गया

पीजीआई के इम्यूनोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. अमिता अग्रवाल बताती हैं कि कोरोना कॉल में शारीरिक गतिविधियां बिल्कुल बन्द हो गईं। घरों में कसरत, योग, टहलना भी बंद होगया। दिन भर घर में मनपसंद भोजन और तली-भुनी चीजें खाते रहें। इन्हीं वजहों से लोगों का पांच से 15 किलो तक शरीर का वजन बढ़ गया है। ओपीडी में आने वाले करीब 125 मरीजों में से करीब 25 से 30 मरीज 30 साल के भीतर के आ रहे हैं।

वर्कफॉम होम से बढ़ा जोड़ों का दर्द

टुड़ियागंज स्थित राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के गठिया रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव रस्तोगी बताते हैं कि वर्कफॉम होम से युवाओं में जोड़ों का दर्द बढ़ गया है। विटामिन डी की कमी हो गई। बाहर जाना, कसरत व योग बन्द हुआ। दिन भर कुछ न कुछ खाते रहने से शरीर का वजन और यूरिक एसिड बढ़ गया। इससे युवाओं में गठिया की समस्या बढ़ गई। अस्पताल की ओपीडी में हर हफ्ते करीब 200 गठिया मरीज में 40 से 50 युवा होते हैं।

उपचार नहीं मिलने से बढ़ी समस्या

केजीएमयू के गठिया विभाग के डॉ. पुनीत कुमार बताते हैं कि कोरोना में नए मरीज बढ़ने के साथ पुराने को इलाज नहीं मिल पाया। खानपान व जीवनशैली बदलने से युवा गठिया का शिकार हो रहे हैं। ओपीडी में करीब 30 फीसदी युवा आ रहे हैं।

कारण: - यूरिक एसिड का अधिक बनना -टीबी और वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण

लक्षण

-जोड़ों में दर्द

-सुबह उठने पर जड़कन महसूस हो

-थकान

-बुखार

-सांस लेने में तकलीफ

-त्वचा में दाग

-जोड़ों में सूजन

-मुठ्ठी बन्द करने व कोई सामान उठाने में समस्या

बचाव:

- वजन पर नियंत्रण रखें।

-आहार में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की मात्रा सामान्य लें

-नियमित व्यायाम करें, टहलना, योग, साइकिल चलाना,

- विटामिन डी के लिए धूप में रहें।

- भोजन में पोषक तत्व और विटामिन युक्त आहार लें।

-मौसमी फल और हरी सब्जियां, दूध, दही का सेवन करें।

संबंधित खबरें