
अब कम जोखिम वाले कारखानों पर नहीं होगा बार-बार निरीक्षण
Lucknow News - -प्रदेश में उद्योगों को बड़ी राहत, सरकार ने लागू की नई व्यवस्था,
प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार ने औद्योगिक माहौल को और सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शासन ने पूरे प्रदेश में स्वप्रमाणन व्यवस्था और तृतीय पक्ष (थर्ड पार्टी) ऑडिट प्रणाली लागू की है। प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन डा. एमके शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। नई व्यवस्था के तहत कम जोखिम वाले यानी गैर-खतरनाक प्रतिष्ठान यदि स्वप्रमाणन प्रणाली अपनाते हैं तो उन्हें पांच वर्ष में केवल एक बार यादृच्छिक आधार पर निरीक्षण का सामना करना होगा। इस अवधि में वे निरीक्षण से मुक्त रहेंगे।
जो प्रतिष्ठान स्वप्रमाणन नहीं अपनाएंगे, उनके साथ-साथ मध्यम जोखिम वाले कारखानों का निरीक्षण प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त तृतीय पक्ष के माध्यम से तीन वर्ष में एक बार किया जाएगा। उच्च जोखिम कारखानों का ही निरीक्षण करेगा विभाग प्रमुख सचिव ने बताया कि इस नीति से विभागीय हस्तक्षेप कम होगा और उद्यमियों को कार्य में अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और राज्य में उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा। स्टार्टअप नीति के अंतर्गत गैर-खतरनाक श्रेणी के नए उद्योग, इनक्यूबेटर और उत्कृष्टता केंद्र स्थापना के बाद दस वर्ष तक श्रम निरीक्षण से मुक्त रहेंगे. केवल उच्च जोखिम वाले कारखानों का निरीक्षण विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। डा. सुंदरम ने कहा कि इस नई व्यवस्था से प्रदेश में उद्योग और व्यापार को पारदर्शी, सुचारु व सहयोगी वातावरण मिलेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुंचाने में गति मिलेगी।

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