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बिजली मीटर बदलने के बाद आ रहा गलत बिल, चीफ से शिकायत

- उत्तर प्रदेश अपना व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बिजली इंजीनियरों व कर्मियों पर...

बिजली मीटर बदलने के बाद आ रहा गलत बिल, चीफ से शिकायत
हिन्दुस्तान टीम,लखनऊSat, 11 May 2024 10:35 PM
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- उत्तर प्रदेश अपना व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बिजली इंजीनियरों व कर्मियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया

- चीफ इंजीनियर ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट एक्सईएन से मांगी

लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।

पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के निर्देशों के बावजूद बिजली कर्मचारी उपभोक्ताओं का उत्पीड़न कर रहे हैं। राजाजीपुरम के कई उपभोक्ता बिजली मीटर बदलने के बाद गलत बिल आने और परमानेंट डिस्कनेक्शन (स्थाई विद्युत विच्छेदन) को लेकर कई महीनों से उपकेंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। नाराज लोगों ने चीफ इंजीनियर रवि अग्रवाल से शिकायत की।

राजाजीपुरम निवासी फूलमति ने (खाता सं. 5202311111) दो किलोवाट घरेलू कनेक्शन है। विभाग ने चार महीने पहले नया मीटर लगाया। इसके बाद 49,898 रुपये का बिल भेज दिया। उन्होंने कई बार बिल सुधारने के लिए इंजीनियरों से मिले, लेकिन कुछ नहीं हुआ। राजाजीपुरम निवासी अरविंद पुष्कर ने पांच किलोवाट (खाता सं. 9906885376) सोलर पैनल कनेक्शन है। चार महीने पहले नेट मीटर जल गया। शिकायत पर विभाग द्वारा नया मीटर लगाया गया, लेकिन सोलर पैनल से जनरेट होने वाली बिजली बिल में समायोजित नहीं की। नतीजतन 24538 रुपये का बिल बन गया। कई बार विभाग में शिकायत की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

वहीं उत्तर प्रदेश अपना व्यापार मंडल के पदाधिकारी अजय यादव ने बताया कि राजाजीपुरम निवासी राम निवास ने पीडी (परमानेंट डिस्कनेक्शन) के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कार्यकारी सहायक राकेश गौतम पर उपभोक्ताओं के साथ उत्पीड़न का आरोप लगाया। जिस पर चीफ इंजीनियर ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट एक्सईएन से मांगी है। इसके अलावा उन्होंने न्यू कनेक्शन का स्टीमेट तथा सामग्री पर से जीएसटी समाप्त करने की मांग की। क्योंकि कनेक्शन लेने के बाद उपभोक्ताओं से इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी पांच से साढ़े सात फीसदी अलग-अलग विधा में ली जाती है। अधीक्षण अभियंता सर्किल-8 को आवंटित 20 लाख रुपये धनराशि की जांच कराई जाए। आंवटित धनराशि किस-किस मद मे खर्च की गई।

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