Writing in Hindi will enable science to reach people Union Minister Mahendra Nath Pandey - हिन्दी में लेखन से विज्ञान को जन-जन पहुंचाया सकेगा: केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हिन्दी में लेखन से विज्ञान को जन-जन पहुंचाया सकेगा: केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय

default image

लखनऊ। निज संवाददाताकेंद्रीय कौशल विकास मंत्री डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय ने कहा कि हम सबको मिलकर अपनी मूल संस्कृति और वैज्ञानिक संस्कृति से जुड़कर देश का नाम रोशन करना चाहिए। राष्ट्रीय हिन्दी विज्ञान लेखक सम्मेलन व परिसंवाद का आयोजन कर उप्र भाषा संस्थान ने हिन्दी और विज्ञान के लेखकों को एक मंच पर लाने काएक अभिनव व सराहनीय कार्य किया है। इससे विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाया जा सकेगा। उप्र भाषा संस्थान की ओर से शनिवार को शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय हिन्दी विज्ञान लेखक सम्मेलन व परिसंवाद के समापन समारोह को संबोधित करते हुए रखी।उप्र भाषा संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राजनारायण शुक्ल ने कहा कि भाषा संस्थान हिन्दी में विज्ञान लेखन कराने के लक्ष्य तक पहुंचने में सफल हुआ है। सम्मेलन के दूसरे दिन पारंपरिक विज्ञान लेखन और भारतीय भाषाओं का विज्ञान लेखन विषय पर कई सत्र हुए। पहला सत्र कृषि एवं पर्यावरण विज्ञान का हिन्दी लेखन विषय पर हुआ। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ जियो विज्ञानी डॉ. अनीता गोपेश ने की। वैज्ञानिक अनुसंधान एवं अकादमिक विषयों का हिन्दी लेखन पर अंतिम सत्र हुआ। जिसकी अध्यक्षता डॉ. श्रेयांश मंडलोई प्रांत संगठन मंत्री विज्ञान भारती ने की। इस सत्र में वैज्ञानिक अनुसंधानों का हिन्दी लेखन पर गहन विचार विमर्श हुआ। इस अवसर पर उप्र भाषा संस्थान द्वारा प्रकाशित डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित द्वारा लिखी कृति ‘कश्मीर की पाण्डित्य परंपरा‘ और संस्थान पत्रिका ‘प्रभास‘ का विमोचन हुआ। संयोजक इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज के हिन्दी विभाग के प्रो. योगेन्द्र प्रताप सिंह सम्मेलन का सारांश प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में चिकित्सा विज्ञान क्षेत्र की तरफ से यह संकल्प लिया गया है कि वे अपने जीवन काल में चिकित्सा विज्ञान पर एक पुस्तक हिन्दी में अवश्य ही लिखेंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Writing in Hindi will enable science to reach people Union Minister Mahendra Nath Pandey